नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में आम बजट पेश कर रहे हैं. जेटली का कहना है कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को पूर्व सरकार से खराब अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है. हमारा विश्वास इस सिद्धांत में है कि सरकार के पास जो पैसा है वो जनता का है. हम चुनौतियों को अवसर के रूप में देखते हैं. एक स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की जा रही है जिसमें एक तिहाई आबादी को सुरक्षा मिलेगी. 
 
जेटली ने कहा कि कृषि के लिए 35 हजार 984 करोड़ का फंड निर्धारित किया है.  किसानों की आमदनी अगले पांच साल में दोगुना करने पर जोर दिया जाएगा. हम अपने किसानों के प्रति आभारी हैं. वे खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं. हमें उन्हें आय सुरक्षा देनी होगी. जेटली ने कृषि क्षेत्र के लिए 35984 करोड़ रुपए आवंटन किए हैं. उन्होने कहा कि 80.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था होगी. जेटली ने मनरेगा के लिए 38,500 करोड़ का फंड निर्धारित किया है.
 
जेटली ने आगे कहा कि बजट में से 20 हजार करोड़ रुपये से सिंचाई निधि बनाई जाएगी. मनरेगा के तहत 10 लाख कंपोस्ट गड्ढों का निर्माण किया जाएगा. स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरी कचरे से खाद बनाने की नीति मंजूर. फसल बीमा योजना के लिए 550 करोड़ रु. जेटली ने अपने बजट में कहा कि कृषि विकास केंद्रों के तहत 50 लाख इनाम राशि के राष्ट्रीय प्रतियोगताएं कराई जाएंगी. 
 
सरकार ने परंपरागत कृषि विकास योजना, ऑर्गैनिक चेन फार्मिंग जैसी योजनाओं के तहत करीब 400 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. जेटली ने आगे कहा ति नाबार्ड को 20 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया जा रहा है, ताकि वह कृषि व किसानों के लिए योजनाओं को लागू कर सके. 2022 तक हम किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. कृषि व किसान कल्याण के तहत हम किसानों को इनकम सिक्यॉरिटी देना चाहते हैं. इसके लिए 35,984 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जा रहा है.
 
जेटली ने आगे कहा कि 7वें वेतन आयोग और ओआरओपी को देखते हुए हमें अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी है. फॉरेक्स रिजर्व अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 350 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है.