नई दिल्ली. आज देश का आम बजट पेश होगा. सुबह 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में आम बजट पेश करेंगे. जिसके लिए वित्तमंत्री अरुण जेटली बजट पेश करने के लिए संसद भवन पहुंच गए हैं.

आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली के सामने कृषि क्षेत्र और उद्योग जगत की ज़रूरतों के बीच तालमेल बिठाने की चुनौती रहेगी. यही नहीं अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उठापटक के बीच देश की विकास दर बढ़ाने के लिए संसाधन जुटाने की चुनौती भी वित्त मंत्री के सामने होगीय वित्तमंत्री अरुण जेटली बजट पेश करने के लिए संसद भवन पहुंच गए हैं.

आम नौकरीपेशा लोगों को आयकर में और राहत की उम्मीद है, लेकिन लगता नहीं कि वित्तमंत्री आयकर के ढांचे में बदलाव करेंगे बल्कि ये हो सकता है कि वह छूट के प्रस्तावों में कुछ राहत दे दें.

सूखे की वजह से ग्रामीण भारत की हालत ख़राब हुई है और उसे राहत देने की बड़ी चुनौती भी वित्तमंत्री के सामने रहेगी। ऐसे में ये देखना दिलचस्प रखेगा कि अरुण जेटली अपनी पोटली से क्या-क्या निकालते हैं.

हालांकि इस बारे में शुक्रवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 में सुझाव देते हुए कहा गया है कि उम्मीदों को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है. बजट में यह भी देखा जाएगा कि सर्वेक्षण के सुझावों को कहां तक अपनाया गया है. सर्वेक्षण में सब्सिडी को सुसंगत करने और ज्यादा लोगों को कर दायरे में लाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाने जैसे सुझाव दिए गए हैं.

आर्थिक सर्वेक्षण में वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा वित्त वर्ष में देश की विकास दर के अनुमान को 7.6 फीसदी पर रखा गया है. सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘वैश्विक सुस्ती के कारण 2016-17 की विकास दर 2015-16 के मुकाबले काफी अधिक रहने की उम्मीद कम है. ‘ इसमें साथ कहा गया है, ‘सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों और वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने से सरकार का खर्च बढ़ेगा.’