नई दिल्ली. रोहित वेमुला आत्महत्या मामले को लेकर 11 युवा संगठनों ने मोदी सरकार से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय को मंत्रिमंडल से हटाने और हैदराबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति अप्पा राव पोडिले को बर्खास्त करने की मांग की. खास बात है कि इन संगठनों ने ‘सांप्रदायिक ताकतों के अत्याचारों को रोकने के लिए’ एक साझा मंच-संप्रदायिकताके खिलाफ युवा (यूथ अगेंस्ट कॅम्युनलिज्म)-बनाने की घोषणा भी की. 
 
मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन आफ इंडिया (डीवाईएफआई) के अध्यक्ष एम.बी. राजेश ने कहा, “हम लोग केंद्रीय मंत्रिमंडल से स्मृति ईरानी और दत्तात्रेय को हटाने और कुलपति के पद से पोडिले को बर्खास्त करने की मांग करते हैं.”
 
उन्होंने कहा, “हम लोग देश भर में विश्वविद्यालयों पर संघ परिवार और केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हैदराबाद यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल यूनिवर्सिटी इस तरह के सांप्रदायिक हमलों के ताजा शिकार हैं.” 
 
राजेश ने मांग की कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामले को वापस लिया जाए. उन्होंने कहा, “पाटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू के छात्रों, शिक्षकों और पत्रकारों पर कुछ उद्दंड वकीलों ने 15 फरवरी को और कन्हैया पर 17 फरवरी को हमला किया था. उन्हें गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.”
 
पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में जो कुछ हुआ, उसके लिए उन्होंने दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी.एस. बस्सी को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की. 
 
उन्होंने कहा, “जेएनयू और हैदराबाद विश्वविद्यालयों के मामले में सरकार सफेद झूठ का प्रचार कर रही है. इतना ही नहीं सबूत पेश करने के लिए वीडियो से छेड़छाड़ भी की गई. इस मंच का गठन इसलिए किया गया है ताकि लोकतांत्रिक युवा संगठन एकजुट होकर सांप्रदायिक ताकतों के अत्याचारों को रोक सकें.”