भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा में हुई फर्जी नियुक्तियों के मामले में शनिवार को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाया. दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते विधानसभा में हुई फर्जी नियुक्तियों के मामले में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश काशीनाथ सिंह की अदालत से 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी.
 
नोटिस पर हाजिर न होने के कारण अदालत ने शुक्रवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी की थी. शनिवार की दोपहर दिग्विजय अदालत में हाजिर हुए, इसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई. 
 
‘बीजेपी ने सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा’
जमानत मिलने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई भी देश सांप्रदायिकता और वैमनस्यता के माहौल में विकास नहीं कर सकता. मौजूदा सत्ताधारी दल बीजेपी और संघ देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने में लगे हैं. ये दोनों झूठ का पुलिंदा हैं.
 
‘राज्य सरकार की साजिश’
कांग्रेस शासन के दौरान विधानसभा में हुई नियुक्तियों को लेकर दर्ज मामले पर उन्होंने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार ने उनके खिलाफ साजिश रची है, मगर वह डरने वाले नहीं हैं, भगोड़ा नहीं हैं. दिग्विजय ने कहा कि विधानसभा का ही एक अधिकारी कहता है कि नियुक्तियों को लेकर कोई मामला नहीं बनता, मगर सरकार ने दवाब में रिपोर्ट दर्ज कराई. 
 
अमित शाह पर साधा निशाना
सिंह ने बीजेपी द्वारा राहुल गांधी पर किए जा रहे हमलों की निंदा की और कहा कि बीजेपी ने तो ऐसे व्यक्ति को अपना अध्यक्ष बनाया है, जिसे अदालत ने गृह राज्यमंत्री रहते गुजरात से बदर कर दिया था. वह चार साल तक इधर-उधर भटकते रहे.
 
कन्हैया को किया सैल्यूट
कांग्रेस नेता ने जेएनयू के कन्हैया कुमार का बचाव किया और कहा कि वह उस छात्रनेता को सैल्यूट करते हैं. दिग्विजय ने कहा कि कन्हैया ने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो देशद्रोह की श्रेणी में आता हो.
 
मेरे पास व्यापम के साक्ष्य
उन्होंने दावा किया कि राज्य में हुए व्यापम घोटाले को लेकर उन्होंने जो प्रमाण व साक्ष्य दिए हैं, वे पूरी तरह सच हैं. दिग्विजय ने कहा, “अगर सौंपे गए तथ्य और प्रमाण झूठे हैं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए, अन्यथा जिन पर आरोप लगाए गए हैं, उन पर कार्रवाई हो.” सिंह ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से मांग करेंगे कि व्यापम घोटाले की जांच की निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट करे, साथ ही एसटीएफ की भी सीबीआई से जांच कराई जाए. इसके अलावा एसटीएफ के अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच कराई जाए.