नई दिल्ली. ट्रेन यात्रा के दौरान एसी बोगी में मुहैया कराने जाने वाले कंबल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इन कंबलों को दो महीनों के बाद धोया जाता है. इस बात का खुलासा रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने किया. मनोज सिन्हा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कुछ सदस्यों के द्वारा कि गई चादरों, कंबलों आदि की सफाई को लेकर की गई शिकायतें पर राज्यसभा में सिन्हा ने कहा कि उन कंबलों की धुलाई दो महीने में एक बार की जाती है.
 
‘रोज धुलते हैं चादर और तकिया के खोल’
सिन्हा ने अपने बयान में आगे कहा कि भारतीय रेलवे के हमारे कर्मचारियों द्वारा ट्रेन के चादरों, तकियों के खोलों को हर दिन साफ किया जाता है. और बात अगर कंबलों कि है तो उन्हें हम हर दो महिने में धुलवाते है. 
 
25 नए लॉंन्ड्रिज स्थापित किये जाने की प्लानिंग
सिंहा ने बताया कि इसके लिए 41 लॉंन्ड्रिज चल रहे हैं. पहले धुलाई का कार्य बाहर से किया जाता था. लेकिन अब ज्यादातर कार्य रेलवे खुद कर रहा है. इसके बाद से शिकायतें कम हुई हैं. साथ ही फ्यूचर में ऐसे 25 और लॉंन्ड्रिज स्थापित किये जाने की प्लानिंग है.
 
हामिद अंसारी का कटाक्ष
इसके अलावा सिन्हा के जवाब के बाद सदन के सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि इससे अच्छा तो पहले था जब पैसेंजर्स अपना कंबल खुद लाते थे. जिसके बाद सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि यह अच्छी सलाह है और रेलवे को कोई समस्या नहीं होगी अगर यात्री उस चलन को स्वीकार करना चाहते हैं. सिंहा ने यह भी कहा है कि यात्रियों से बेडरॉल की गुणवत्ता के संबंध में समय-समय पर पत्र मिलते रहते हैं और उन पर उचित कार्रवाई की जाती है.