नई दिल्ली. रोहित वेमुला के परिवार ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी पर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाया है. रोहित की मां ने कहा है कि जिस दिन रोहित की मौत हुई, उस दिन किसी भी पुलिसकर्मी और डॉक्टर को उस कमरे में नहीं जाने दिया गया.

उन्होंने कहा कि रोहित को पुनर्जीवित करने की कोशिश नहीं की गई. जान-बूझकर यह झूठ फैला कर मुद्दे को भटकाने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि इससे बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है.

रोहित की मां ने कहा, ”मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से फॉरवर्ड की गई चिट्ठिनयों में संकेत मिलते हैं कि स्टूहडेंट्स को देशद्रोही और कट्टरपंथी करार दे दिया गया. मैं इसका जवाब चाहती हूं कि मेरा बेटा कैसे देशद्रोही और कट्टरपंथी बन गया ? स्मृरति झूठ बोल रही हैं और मामले को भटका भी रही हैं.

उन्होंने कहा कि रोहित को बीते सात महीने से कोई वजीफा नहीं मिला. बता दें कि स्मृाति ने संसद में हुई बहस के दौरान कहा था कि रोहित का वजीफा नहीं रोका गया. वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रोहित के दोस्तन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत और स्मृसति ईरानी ने दावा किया कि रोहित वेमुला दलित नहीं था. जांच को पूरी होने दीजिए.

परिवार का कहना है कि पहले से मौजूद जाति सर्टिफिकेट में यह बताया गया है कि रोहित शेड्यूल कास्ट  से ताल्लुक रखता था. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने अपना लाल खोया है. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर देश ने अपना बेटा खोया है तो उसे देशविरोधी क्योंत बना दिया गया.

रोहित के परिजनों ने कहा कि रोहित को आपके कैबिनेट मिनिस्टरर बंडारू दत्ता त्रेय ने कट्टरपंथी करार दिया. मोदी ने उनके खिलाफ क्यात एक्शआन लिया ? स्मृूति ईरानी के खिलाफ कोई एक्श न क्योंद नहीं लिया गया जो लगातार झूठ बोल रही हैं. स्मृ ति जी दावा करती हैं कि चीफ वार्डन जांच कमेटी के हिस्सा  थे. वह यह जाकर जांच सकती हैं कि ऐसा नहीं थाय हम स्मृिति ईरानी की संसद में कही गई झूठी बातों का भंडाफोड़ करना चाहते हैं.