नई दिल्ली. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के हैदराबाद यूनिवर्सिटी छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी पर दिए गए बयान पर बहस छिड़ गई है. दरअसल खुदकुशी के बाद रोहित के शरीर की जांच करने वाली डॉक्टर एम राजश्री स्मृति के संसद में दिए गए बयान को गलत ठहराया है.
 
डॉक्टर का कहना है कि जब उन्होंने जांच की तब रोहित की न तो नब्ज़ चल रही थी, न ही उसकी धड़कन चल रही थी. जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था. 
 
लेकिन स्मृति ने संसद में कहा कि आख़िरी समय में रोहित को बचाने की कोशिश नहीं की गई, न ही उसके पास किसी डॉक्टर को जाने दिया गया, न ही उसे अस्पताल ले जाने दिया गया. स्मृति ने इस दावे के लिए पुलिस रिपोर्ट का सहारा लिया था.