नई दिल्ली. किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक रह चुके और शराब कारोबारी विजय माल्या ने यूनाइयेड स्पिरिट्स के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया. इस कंपनी की स्थापना उनके परिवार ने की थी. लेकिन अब इस पर वैश्विक शराब कंपनी डियाजियो का नियंत्रण है. माल्या के स्थान पर ऑडिट कमेटी के चेयरमैन और गैर- कार्यकारी निदेशक एम के शर्मा लेंगे. 
 
इस बात का खुलासा माल्यान ने एक बयान जारी कर किया. माल्या ने कहा कि अब समय आ गया है कि जब मुझे अपने डियाजियो तथा यूनाइटेड स्पिरिटस के साथ संबंधों को लेकर सभी आरोपों और अनिश्चितताओं को दूर करना चाहिए. इसी के अनुरूप मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रहा हूं.
 
‘मेरे परिवार की विरासत संरक्षित रहेगी’
माल्या ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि मैं डियाजियो और यूएसएल के साथ शर्तों पर सहमति बना पाया हूं. हमने जो समझौता किया है उससे मेरे परिवार की विरासत संरक्षित रहेगी. इसके अलावा माल्या ने बयान में यह भी कहा कि मैंने हाल में 60 साल पूरे किए हैं. अब मैंने इंग्लैंड में अपने बच्चों के पास अधिक समय बिताने का फैसला किया है. माल्या ने डियाजियो के साथ ब्रिटेन को छोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा न करने का करार किया है.
 
पहले त्यागपत्र देने से किया था इंकार
यूनाइटेड स्पिरिट्स में माल्या की चेयरमैनशिप को लेकर कुछ समय से विवाद रहा है. डियाजिओ पीएलसी ने यूएसएल में 2014 के जुलाई में 54.7 फीसदी हिस्सेदारी की की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली थी. इसलिए कंपनी माल्या को चेयरमैन पद से हटाने की कोशिश करती आ रही थी. हालांकि माल्या त्यायगपत्र देने से इंकार करते आ रहे थे.
 
वित्तीय हेराफेरी का मामला आया था सामने 
पिछले साल अप्रैल में यूएसएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्ट र्स ने माल्या को बोर्ड से त्यागपत्र देने के लिए कहा था, क्योंकि माल्या की कंपनी में हिस्सेदारी महज 4 फीसदी है. बोर्ड ऑफ डायरेक्ट्रस के समक्ष एक आंतरिक जांच में शराब बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी में वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आया था. 
 
विलफुल डिफॉल्टर घोषित
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक और एसबीआई ने माल्या, उनके समूह की होल्डिंग कंपनी यूनाइटेड ब्रूवरीज और लंबे समय से ठप किंगफिशर एयरलाइंस को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है.