नई दिल्ली. जेएनयू मामले को लेकर लोकसभा में बोलते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जेएनयू के कुछ छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों पर बहस हो सकती है, लेकिन ये आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला अदालत ही करेगी.

गृह मंत्री ने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं कि किसी भी छात्र को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पटियाला हाउस कोर्ट में जो कुछ हुआ उसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

चर्चा के बाद कांग्रेस, वामदलों, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के हस्तक्षेप के समय उनकी एक टिप्पणी के विरोध में सदन से वॉकआउट किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि 9 फरवरी को जेएनयू में जो नारे लगाए गए, सारा देश उससे असहमत है और सदन ने भी उसकी निंदा की है. मामला अदालत में है और हमें अदालत के फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए.

राजनाथ ने कहा कि देशद्रोह के आरोप पर बहस हो सकती है, लेकिन हमें बहस करने की जरूरत नहीं है. ये आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला अदालत ही कर सकती है और गलत पाए जाने वह उसे बरी करेगी.