चेन्नई.राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन एक दिन की पेरोल पर जेल से बाहर आई हैं. नलिनी को अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बुधवार को एक दिन की पेरोल पर रिहा किया गया है.  
 
नलिनी के पिता का निधन तिरुवेल्ली में हुआ, वह एक सेवानिवृत पुलिस इंसपेक्टर थे. अंतिम संस्कार कोत्तुरपुरम में होगा, जिसके लिए कोर्ट ने उन्हें 12 घंटे की पेरोल दी है. नलिनी को 10 पुलिसकर्मियों के साथ बुधवार सुबह वेल्लौर जेल से चेन्नई के लिए रवाना किया गया. उन्हें सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक का समय दिया गया है. 
 
बता दें कि 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी. हत्या लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण के कहने पर हुई थी. इस हत्या के आरोप में नलिनी के साथ उसके तीन साथियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी. जिनमें नलिनी का पति मुरगन भी शामिल है. राज्य सरकार ने साल 2000 में क्षमा याचिका को मंजूर करते हुए आरोपियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया. सभी आरोपी पिछले 25 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे हैं.