कोलकाता. महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एस.एम.मुशरिफ ने दक्षिणपंथी चरमपंथियों से खुफिया ब्यूरो (आईबी) के घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगाया. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को भारत का पहले नंबर का आतंकी संगठन बताते हुए इस संस्था पर बैन लगाने की मांग की. मुशरिफ यहां अपनी किताब ‘आरएसएस-कंट्रीज ग्रेटेस्ट टेरर ऑर्गेनाइजेशन’ के बंगला संस्करण के विमोचन समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने जेएनयू में चल रहे विवाद को भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के आरएसएस के प्रयासों की अभिव्यक्ति करार दिया. 
 
उन्होंने कहा, “आईबी देश का सबसे शक्तिशाली संगठन था और है. केंद्र में चाहे जिस भी पार्टी की सरकार हो, यह संगठन अपनी इच्छा के अनुसार चलता है.” मुशरिफ ने कहा, “आईबी जो भी कहता है या करता है, उसे सच माना जाता है और उसके दावों या कामों पर कभी सवाल खड़ा नहीं किया जाता न ही जांच की जाती है.” 
 
उन्होंने आईबी पर आतंक निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे की हत्या के लिए आरएसएस और उसके अनुषंगी संगठनों के साथ मिलीभगत का दोष मढ़ा. करकरे हिंदू कट्टरपंथियों के आतंकी कृत्यों की जांच कर रहे थे. वह 2008 में मुंबई आतंकी हमले के दौरान मारे गए थे. 
 
मुशरिफ ने कहा, “किसी भी अन्य आतंकी सगंठन ने आरएसएस के इतना आरडीएक्स का इस्तेमाल नहीं किया है. आरएसएस और इसके अनुषंगी संगठन अभिनव भारत और बजरंग दल के खिलाफ आतंकवादी मामलों में 18 आरोपपत्र दाखिल हैं. आरएसएस को देश का पहले नंबर का आतंकी संगठन होने की वजह से तुरंत बैन किया जाना चाहिए.”