नई दिल्ली. देशद्रोह के आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्या ने मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. इन्‍हें जेएनयू के प्रशासनिक ब्लॉक से यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट तक लाया गया और एक निजी सुरक्षा गाड़ी में वसंत विहार पुलिस स्टेशन ले जाया गया. इस दौरान यहां सुरक्षा के पूख्ता इंतजाम रहे. इसके बाद दोनों को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया. पुलिस ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया कि दोनों को कहां ले जाया गया.
 
मजिस्ट्रेट के समक्ष आज हो सकते हैं पेश
दोनों आरोपी छात्रों को बुधवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है. ये छात्र बीती रविवार रात से जेएनयू कैंपस में ही थे. इस मामले में कन्हैया कुमार, खालिद और भट्टाचार्य के अलावा अन्य आरोपी छात्र हैं रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश. दिल्ली पुलिस ने 20 फरवरी को खालिद, भट्टाचार्य, नागा, आशुतोष और प्रकाश के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था. 
 
मीडिया को रोकने के लिए बनाई मानव श्रृंखला
यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मंगलवार शाम जब खालिद और भट्टाचार्या कैंपस से जा रहे थे तो मीडिया को उनका पीछा करने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई थी. खालिद और भट्टाचार्य उन पांच छात्रों में हैं, जिन्होंने संसद भवन हमले के दोषी अफजल गुरु की नौ फरवरी को बरसी के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की थी
 
रविवार से कैंपस में मौजूद हैं छात्र
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हुए हमले का हवाला देते हुए खालिद ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा देने की भी मांग की है. जेएनयू विवाद में खालिद को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. खालिद समेत पांच फरार आरोपी छात्र रविवार रात से ही जेएनयू कैंपस में मौजूद हैं.
 
कौन है उमर खालिद?
उमर खालिद डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन का नेता महाराष्ट्र का रहने वाला है. खालिद ने ही 9 फरवरी को संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु की बरसी पर प्रोग्राम करवाया था. प्रोग्राम की इजाजत रद्द होने के बाद जब डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट के लोग जेएनयू में मार्च कर रहे थे, तब उमर उनकी अगुवाई कर रहा था. बताया जाता है कि जिस वक्त नारे लग रहे थे उस वक्त उमर न केवल वहां मौजूद था, बल्कि जेएनयू प्रशासन और एबीवीपी के खिलाफ उसने ही नारेबाजी शुरू की थी.  कन्हैया कुमार के साथ भी उसे कई वीडियो में देखा गया. 11 फरवरी को जब एबीवीपी के खिलाफ लेफ्ट के स्टूडेंट्स यूनियन प्रदर्शन कर रही थी, तो उस वक्त उमर और कन्हैया एक साथ थे.