नई दिल्ली. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार करने विरोध में आयोजित मार्च का समर्थन करते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी अपनी विचारधारा पूरे देश पर थोपना चाहते हैं.

राहुल ने जंतर मंतर पर आयोजित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, वेमुला देश के भविष्य की बात करना चाहता था, लेकिन आरएसएस और बीजेपी के लोग सिर्फ बीते हुए समय की बात करना चाहते हैं. ये लोग वर्तमान और भविष्य की सोच नहीं रखते हैं.

रोहित भविष्य की बात करते थे इसलिए उसका दमन किया गया. वह देश की बेहतरी और उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना चाहते थे, लेकिन आरएसएस भूतकाल की बात करता है और उसका सिद्धांत है कि जो भी भविष्य की बात करेगा उसे कुचल दिया जाएगा.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बजट सत्र राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण पर पर कहा कि इसमें दलित छात्र वेमुला की आत्महत्या, जेएनयू विवाद और हरियाणा में चल रहे आरक्षण आंदोलन जैसे मुद्दों की अनदेखी की गई है.

उन्होंने कहा, जब अभिभाषण चल रहा था तो मैं सदन में था. वह बीते हुए समय की बात कर रहे थे, लेकिन आज देश में क्या हो रहा है, रोहित वेमुला प्रकरण अथवा हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन का क्या होगा, इस बारे में वह कुछ बोलने को तैयार ही नहीं थे.

बीजेपी और संघ पर एक ही विचारधारा को पूरे देश पर थोपने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा आरएसएस ऐसा भारत चाहता है जहां सिर्फ उसकी ही विचारधारा हो, लेकिन हम ऐसे भारत की लड़ाई लड़ते हैं.

उन्होंने कहा कि आज देश के कालेजों और विश्वविद्यालयों में जिस तरह का माहौल है उसे देखते हुए कानून बनाने की जरूरत है. मैं जब हैदराबाद गया था मैंने वहां बताया था कि विश्वविद्यालयों में भेदभाव समाप्त करने के लिए हमें कानून की जरूरत है.