नई दिल्ली. नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी ओली इस वक्त 6 दिनों के लिए भारत दौरे पर है. सोमवार को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत नेपाल का बड़ा भाई है, दादा नहीं . कुछ लोग कहते हैं कि भारत बिग ब्रदर जैसा व्यवहार करता है, लेकिन भारत ने हमेशा से ही अपने पड़ोसियों की मदद की है और आगे भी करेगा, वह कभी भी परेशानियों का स्रोत नहीं बनेगा.  बिग ब्रदर की अवधारणा विदेश की है. 
 
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह बात भारतीय वैश्विक संबंध परिषद की 21वीं सप्रू हाउस व्याख्यानमाला में कही. स्वराज इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही थी. उन्होनें मधेसी आंदोलन के संबंध में नेपाल की तारीफ करते हुए कहा कि नेपाल मधेसियों की मांग पर उचित विचार कर रहा है. सुशील कोइराला सरकार के वक्त नेपाल ने संविधान में दो संशोधन किए, जिन्हें ओली सरकार ने और बेहतर बनाया और उन्हें पारित किया है, नहीं तो कोई भी सरकार संविधान लागू होने के तुरंत बाद संशोधन नहीं करती.
 
नेपाल के पीएम ओली ने सप्रू हाउस व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कहा कि नेपाल न तो चीन कार्ड खेल रहा है, न ही भारत कार्ड. उन्होनें कहा, ‘नेपाल भारत और चीन दोनों देशों का बराबर सम्मान करता है. नेपाल की विदेश नीति में एक देश की तुलना में दूसरे देश को ज्यादा महत्व देना नही है. लेकिन नेपाल भारत के साथ व्यापार और दूसरे रिश्तों को मजबूत बनाना चाहता है.
 
ओली ने यहां यह भी आश्वासन दिया कि नेपाल अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी विदेशी ताकत को भारत के खिलाफ नहीं करने देगा. उन्होनें कहा, ‘हम कभी भी किसी विदेशी ताकत को नेपाल की धरती का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं करने देंगे. मेरा भारत आने का मकसद नेपाल और भारत के बीच उत्पन्न गलतफहमियों को दूर करना है’. 
 
बता दें कि नेपाली संविधान के विरोध में मधेसी आंदोलन और उसकी वजह से भारतीय सीमा पर नाकेबंदी के कारण दोनों देशों में गलतफहमियां पैदा हुई थीं.