जींद. जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए 23 वर्षीय कैप्टन पवन कुमार का पार्थिव शरीर आज जींद जिले में स्थित उनके पैतृक गांव लाया गया. कैप्टन का अंतिम संस्कार जींद के बुढाना गांव में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा. इससे पहले आज, पठानकोट वायुसेना स्टेशन में उन्हें पुष्पचक्र अर्पित किए गए जहां से उनका शव हवाई मार्ग से यहां उनके गृहनगर लाया गया.
 
पिता ने कहा- बेटे की शहादत पर गर्व है 
शहीद के पिता राजबीर ने कहा, ‘मैंने देश के लिए अपना इकलौता बेटा न्यौछावर कर दिया. वह सैन्य दिवस के दिन पैदा हुआ था और वह सेना के लिए ही बना था.’ सोमवार को उनका पार्थ‍िव शरीर जींद लाने से पहले पठानकोट में उन्हें श्रद्धाजंलि दी गई.
 
गांव में होगा अंतिम संस्कार 
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार को कैप्टन के गांव पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. उत्तरी कमान के रक्षा प्रवक्ता ने आज कहा, ‘सेना की हरियाणा के लोगों से अपील है कि माटी के इस बहादुर लाल की अंतिम विदाई को वह अपना पूरा समर्थन दें.’
 
हरियाणा के लोगों से की अपील
हरियाणा में जाट आंदोलन के मद्देनजर सेना ने हरियाणा के लोगों से अपील की कि राज्य के सपूत कैप्टन पवन कुमार को अंतिम विदाई देने में सहयोग करें. तेइस वर्षीय कैप्टन कुमार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए. हरियाणा वर्तमान में जाट आरक्षण आंदोलन से प्रभावित है. जींद से संबद्ध कुमार एलीट पैरा यूनिट में अधिकारी थे. आज पंपोर कस्बे में एक सरकारी इमारत में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद होने वाले एलीट पैरा यूनिट के दो सैन्यकर्मियों में एक कुमार थे.