नई दिल्ली. जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने का मुख्य आरोपी उमर खालिद अपने बाकी चार साथियों के साथ रात 8 बजे से 9 बजे के बीच कैंपस लौट आए हैं. लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.  सोमवार को मामले में मुख्य आरोपी उमर खालिद के साथी और जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के सेक्रेटरी रामा नागा ने कहा कि बाहर से आए कुछ लोगों ने देश विरोधी नारे लगाए थे, हमने उन्हें यहां से जाने के लिए कहा था और इसकी शिकायत की थी.
 
सेक्रेटरी रामा नागा ने कहा- पुलिस यहां आए, हम यहां है, हम सहयोग करेंगे गिरफ्तारी में, हम अरेस्ट होने पर विरोध नहीं करेंगे. हमने देश विरोधी नारे नहीं लगाए. बाहर से आए कुछ लोगों ने देश विरोधी नारे लगाए थे, हमने उन्हें यहां से जाने के लिए कहा था और इसकी शिकायत की थी.  उन्होंने कहा कि हम वाइस चांसलर का हर फैसला मानने के लिए तैयार हैं. उसने आज कहा कि पुलिस यहां आ सकती है, हम हर प्रकार से पुलिस की सहायता करने के लिए तैयार हैं. 
 
सरेंडर नहीं करेंगे पुलिस अरेस्ट करे
वकिलों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे सरेंडर न करें, बल्कि पुलिस आकर उन्हें अरेस्ट करे सकती है. ये पांच छात्र हैं उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य, रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश जो राजद्रोह के मामले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 12 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद से लापता हो गए थे.
 
JNU प्रशासन ने पुलिस को अंदर प्रवेश से रोका
जेएनयू प्रशासन ने इस मामले में बैठक बुलायी है. बैठक में निर्णय किया जायेगा कि छात्रों के साथ क्या करना है. जेएनयू टीचर्स एसोस‍िएशन ने भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मीटिंग बुलाई है. इसके बाद 3 बजे वीसी से मुलाकात की जाएगी. 
 
मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करेगी पुलिस
मामले में जेएनयू प्रशासन ने कोई भी बयान नहीं दिया और ना कोई जानकारी साझा की. प्रशासन ने पुलिस को कैंपस के अंदर प्रवेश की अनुमति भी नहीं दी. जिस पर पुलिस का ने कहा कि वह मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करेगी और यूनिवर्सिटी की ओर से इजाजत का इंतजार करेगी. बता दें कि 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. आरोप है कि इस समारोह के दौरान छात्रों के एक दल ने देश विरोधी नारे लगाये.