वाराणसी. संत रविदास जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल दोनों एक ही दिन वाराणसी में होने के बावजूद मंच शेयर करते नहीं नजर आएंगे. समारोह में हिस्सा लेने के लिए मोदी रविवार रात ही वाराणसी पहुंच चुके हैं. जबकि केजरीवाल सोमवार को यहां पहुंचेंगे.
 
मोदी महज 15 मिनट ही रुकेंगे
मोदी संत रविदास जयंती के अवसर पर अपने संसदीय क्षेत्र में स्थित सिर गोवर्धन मंदिर में मत्था टेकने पहुंच गए है. दर्शन-पूजा के बाद मोदी ने यहां लंगर में खाना खाया. रविदास जयंती के प्रोग्राम में मोदी के जाने के बाद आज दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी आएंगे. रविदास मंदिर में मोदी महज 15 मिनट ही रुकेंगे.
 
मोदी और केजरीवाल का समय अलग-अलग
संत रविदास जयंती मंदिर में मोदी और केजरीवाल के जाने का समय अलग- अलग होगा. मोदी सुबह करीब 10:45 बजे समारोह में शिरकत करेंगे. मोदी 15 मिनट तक वहां रहेंगे. इसके बाद केजरीवाल दोपहर 2 बजे मंदिर में दर्शन पूजा करेंगे.
 
यूपी और पंजाब चुनाव की तैयारी
दरअसल, संत रैदास जयंती समारोह में सबसे अधिक अनुयायी पंजाब से आते हैं और संसदीय चुनाव में मोदी लहर के बाद भी आप के चार प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है. ऐसे में अरविंद केजरीवाल को पंजाब में होने वाले चुनाव में अच्छी जीत मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही यूपी में चुनाव लडने की जमीन भी तैयार हो जाएगी. बीजेपी की निगाहें भी दोनों जगहों के चुनाव पर लगी है इसलिए पार्टी अपने स्टार प्रचारक और पीएम मोदी को संत रैदास जयंती के बहाने दलित वोट बैंक को साधने के लिए समारोह में भेज रही है.
 
लोकसभा चुनाव में थे दोनों नेता आमने-सामने
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में दोनों नेता आमने-सामने थे. लेकिन जीत मोदी को मिली थी. दलित वोट बैंक पर वैसे तो बीएसपी की भी नजर रही है. हालांकि, पंजाब में उसकी पकड़ बीजेपी जितनी मजबूत नहीं है. इससे पहले मोदी जनवरी में लखनऊ आए थे. इस दौरान उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनवर्सिटी की कन्वोकेशन सेरेमनी में शिरकत की थी. इस सेरेमनी में कुछ स्टूडेंट्स ने मोदी का विरोध भी किया था.