नई दिल्ली. जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने का मुख्य आरोपी उमर खालिद अपने बाकी चार साथियों के साथ रात 8 बजे से 9 बजे के बीच कैंपस पहुंच गए हैं. आरोपियों के साथ उनके वकील भी जेएनयू कैंपस पहुंच गए हैं. खबर मिलने पर पुलिस भी जेएनयू पहुंच गई. पुलिस ने जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन से सभी आरोपियो को सौंपने को कहा. पुलिस बहुत देर तक वहां रुकी भी रही, लेकिन बाद में खाली हाथ लौट गई. बताया जा रहा है कि पुलिस को जेएनयू कैंपस में जाने की इजाजत नहीं मिली. खालिद के साथ आरोपी छात्र अनिर्बान, आशुतोष, रामा नागा और अनंत भी मौजूद हैं. 
 
उमर खालिद ने दिया भाषण
उमर खालिद ने छात्रों की मौजूदगी में भाषण भी दिया. उमर खालिद ने कहा कि अगर मैंने कुछ गलत किया है तो पुलिस आए और मुझे ले जाए. मैं आतंकवादी नहीं हूं. मेरे पास पाकिस्तान का पासपोर्ट नहीं है. खालिद ने कहा, पिछले कुछ दिनों में मुझे कुछ ऐसी बातें पता चलीं, जो मैं नहीं जानता था. मुझे पता चला कि मैं मई में 2 बार पाकिस्तान जा चुका हूं. मेरा नाम उमर खालिद है लेकिन मै आंतकवादी नहीं हूं. मुझे पता चला की मैं मास्टरमाइंड हूं और ये कार्यक्रम मैंने 17-18 यूनिवर्सिटी में चलाया हुआ है.’
 
सरेंडर नहीं करेंगे पुलिस अरेस्ट करे
इन छात्रों ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया बल्कि डॉक्टर्ड वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें फंसाया गया. पुलिस ने उनके बारे में सूचना मिलने के बाद एक टीम को वहां के लिए रवाना कर दिया लेकिन छात्रों ने कहा कि वे सरेंडर नहीं करेंगे, बल्कि पुलिस आकर उन्हें अरेस्ट कर सकती है. ये पांच छात्र हैं उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य, रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश जो राजद्रोह के मामले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 12 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद से लापता हो गए थे.
 
JNU प्रशासन ने पुलिस को अंदर प्रवेश से रोका
दूसरी ओर, मामले में जेएनयू प्रशासन ने कोई भी बयान नहीं दिया और ना कोई जानकारी साझा की. प्रशासन ने पुलिस को कैंपस के अंदर प्रवेश की अनुमति भी नहीं दी. जिस पर पुलिस का ने कहा कि वह मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करेगी और यूनिवर्सिटी की ओर से इजाजत का इंतजार करेगी.
 
कौन है उमर खालिद?
उमर खालिद डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन का नेता महाराष्ट्र का रहने वाला है. खालिद ने ही 9 फरवरी को संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु की बरसी पर प्रोग्राम करवाया था. प्रोग्राम की इजाजत रद्द होने के बाद जब डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट के लोग जेएनयू में मार्च कर रहे थे, तब उमर उनकी अगुवाई कर रहा था. बताया जाता है कि जिस वक्त नारे लग रहे थे उस वक्त उमर न केवल वहां मौजूद था, बल्कि जेएनयू प्रशासन और एबीवीपी के खिलाफ उसने ही नारेबाजी शुरू की थी.  कन्हैया कुमार के साथ भी उसे कई वीडियो में देखा गया. 11 फरवरी को जब एबीवीपी के खिलाफ लेफ्ट के स्टूडेंट्स यूनियन प्रदर्शन कर रही थी, तो उस वक्त उमर और कन्हैया एक साथ थे.
 
खालिद ने 10 दिनों में की 800 से अधिक कॉल
पुलिस जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था कि उमर खालिद ने 10 दिनों में 800 फोन कॉल्स किए थे. उमर ने अपने दो मोबाइलों से 3 फरवरी से 9 फरवरी के बीच 800 से अधिक कॉल किए. उसने जिनमें 38 कॉल जम्मू कश्मीर में किए गए और 65 कॉल जम्मू कश्मीर से उसके मोबाइल पर आए थे. कॉल्स डीटेल के अनुसार उमर खालिद की बांग्लादेश और खाड़ी देशों में बातचीत की भी बात हुई थी. एक कॉल कश्मीर की गांदरवल यूनिवर्सिटी में किया गया था.
 
कॉल डीटेल की जांच में पुलिस को पता चला था कि उमर खालिद ने ज्यादातर कॉल तीन मोबाइल नंबरों पर की थी. इसके अलावा एक मोबाइल नंबर ऐसा था जिसमें चार से पांच कॉल की गई है. बहुत सारे कॉल दिल्ली से बाहर अलग-अलग शहरों में की गई हैं. पिछले एक महीने के दौरान उमर खालिद का नंबर 17 बार रोमिंग में भी रहा.