नई दिल्ली. हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर दिल्ली में पानी की भारी किल्लत का खतरा मंडराने लगा है. जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को राजधानी के सभी निजी और सरकारी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है.

सीएम केजरीवाल के आवास पर पानी की स्थिति को लेकर सुबह 8.30 बजे आपातकालीन बैठक हुई. जिसके बाद ये फैसला किया गया. बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जल मंत्री, जल बोर्ड के सीईओ और एनडीएमसी के सचिव भी मौजूद थे.

केजरीवाल का कहना है कि पीएम, प्रेजिडेंट, चीफ जस्टिस, डिफेंस और हॉस्पिटल छोड़ हर जगह पानी कटौती की जाएगी. वहीं दिल्ली सरकार जल संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रूख करने जा रही है.

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने हालात पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है. इसके बाद केंद्र और हरियाणा सरकार ने ज्ल्द मुनक नहर से पानी आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया है.

बता दें कि प्रदर्शन कर रहे जाटों ने मुनक नहर का फाटक बंद कर दिया, जिसके चलते राजधानी के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो गया है. शनिवार को गेट बंद हो गए और राजधानी के करीब 60 प्रतिशत इलाके में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इसकी वजह से दिल्ली जल बोर्ड के 9 में से 7 प्लांट ठप हो गए हैं.

राजधानी दिल्ली में भेजे जाने वाले पश्चिमी यमुना लिंक कैनाल का पानी आंदोलनकारियों ने डायवर्ट कर दिया है. गढ़ी बिंदरोली गांव के पास से दिल्ली को सप्लाई होने वाले पानी को ड्रेन नंबर 8 में डायवर्ट करने से दिल्ली में पानी की भारी किल्लत हो सकती है.