नई दिल्ली. नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. ओली शुक्रवार से छह दिवसीय भारत दौरे पर हैं. शनिवार को ओली ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान कुल 9 महत्वपूर्ण समझौते किए गए. इसके बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने संयुक्त बयान जारी किया. 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की तारीफ करते हुए कहा, ‘नेपाल और भारत एक धनी संस्कृति और परंपरा को सांझा करते है, मैं नेपाल के लोगों की आशाओं, उनकी जागरुकता और उनके विवेक का समामान करता हूं’. उन्होनें यह भी कहा की नेपाल में पिछले कुछ वर्षों में लोकतंत्र व संघवाद को बढ़ावा मिला है, भारत की सुरक्षा और नेपाल की स्थिरता आपस में जुड़े हुए हैं.
 
वहीं नेपाल के पीएम ओली ने कहा कि यह यात्रा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होनें कहा कि इस यात्रा का मकसद बुल्कुल साफ है कि वह भारत और नेपाल के बीच कुछ समय से बढ़ रही गलतफहमियों को दूर करना चाहते हैं.
 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर दोनों नेताओं की साथ में एक फोटो साझा की और लिखा, “भविष्य की ओर एक कदम. प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली का हैदराबाद हाउस में स्वागत किया.”यह 2011 के बाद किसी नेपाली प्रधानमंत्री का पहला द्विपक्षीय भारत दौरा है. इससे पहले 2011 में बाबूराम भट्टराई ने भारत का दौरा किया था. 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2014 में नेपाल का द्विपक्षीय दौरा किया था, जो 17 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला नेपाल दौरा था. मोदी ने इसके बाद नवम्बर, 2014 में काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन में शिरकत की थी.