नई दिल्ली. हरियाणा में जाट आंदोलन की आग अब दिल्ली तक पहुंच गई है. आरक्षण की मांग कर रहे जाट प्रदर्शनकारियों ने नरेला के पास एन एच 1 हाइवे को जाम कर दिया है जिससे गाड़ियों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है. इसके साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी जाट आरक्षण संघ से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया.
 
दिल्ली में पानी का सप्लाई पर असर
इतना ही नहीं इस प्रदर्शन के चलते मुनक नहर बंद कर दिया गया जिससे दिल्ली में कई जगहों हैदरपुर, नागलोई, ओखला, बवाना और द्वारका में पानी की सप्लाई पर असर पड़ेगा. मामले पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि दिल्ली के 60 फीसदी इलाकों में इससे पानी मिलने में दिक्कत होगी. उन्होंने कहा कि हम हरियाणा सरकार के संपर्क में लगातार बने हुए हैं. हरियाणा की ओर से पानी रोके जाने से चंद्रावल और वजीराबाद प्लांट में पहले से ही कम क्षमता पर हो रहा काम बुरी तरह असर पड़ा है. जाट आंदोलन और पानी में आमोनिया की मात्रा बढ़ने से हैदरपुर, द्वारका, नांगलोई और बवाना पर भी असर पड़ा है. 
 
दिल्ली बॉर्डर किया सील
जाट आरक्षण आंदोलन के दिल्ली की तरफ बढ़ते कदम के बाद दिल्ली-एनसीआर की सभी बॉर्डर सील कर दिया गया है. दिल्ली-अंबाला, दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-हिंसा-फजिल्का मार्ग और हिसार-धूरी खंड पर जाटों के विरोध प्रदर्शन को लेकर रेल सेवा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. कुल 37 ट्रेने रद्द की गई है जबकि 22 आंशिक रूप से रद्द करनी पड़ी.
 
राज्यपाल का कार्यक्रम रद्द
जाट आंदोलन के चलते गुड़गांव में तय राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. राज्यपाल को शांति रिट्रीट के समारोह में शामिल होना था. जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से गुड़गांव के साइबर सिटी पर सबसे अधिक पड़ा है. इसके चारों ओर जाम लगा दिया गया है. शहर के मुख्य चौराहों पर आंदोलनकारी डटे हुए हैं. गोहाना रोड में बड़ी संख्या में महिला आंदोलनकारी सड़क पर उतर गई हैं.