नई दिल्ली. जेएनयू मामले को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिलने गए थे. इस मुलाकात में राहुल ने जेएनयू विवाद और देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों को निशाना बनाये जाने के मुद्दे को उठाया. राष्ट्रपति मुखर्जी से मुलाकात के बाद राहुल ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा देशप्रेम मेरे खून में है.
 
राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ जो कोई भी बोलता है उसे निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन हम छात्रों की भावनाओं को सरकार को दबाने नहीं देंगे. देश के छात्रों को हम बदनाम नहीं होने देंगे. सरकार का काम छात्रों की रक्षा करना है उसे दबाना नहीं. लेकिन यहां सरकार के खिलाफ जो बोलता है उसे कुचलने की कोशिश हो रही है. राहुल ने अपने ऊपर हो रहे ताबड़तोड़ हमलों का जवाब देते हुए कहा कि देश-प्रेम मेरे दिल में है, खून में है.
 
राहुल गांधी ने कहा कि हिंसा की हालिया घटनाओं से विदेशों में देश को लेकर बुरे संकेत जा रहे हैं, यह एक ‘धब्बा’ है.  विवाद पर राष्ट्रपति से मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस अपनी दोषपूर्ण विचारधारा इस देश पर थोपने की कोशिश कर रहा है, कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी. राष्ट्रवाद मेरे खून में है. मैंने अपने परिवार को इस देश के लिए बार बार बलिदान देते हुए देखा है.
 
कांग्रेस के बड़े नेता भी थे राहुल के साथ
राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी के साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य पार्टी नेता एवं सांसद भी थे. इस विवाद पर कल कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी को तत्काल हटाने की मांग की थी.
 
क्या था मामला ?
जेएनयू 9 फरवरी को राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में JNU छात्रसंघ के नेता कन्हैया कुमार को 2 फरवरी कर न्यायिक हिरासत में रखा गया है. 13 फरवरी को राहुल गांधी छात्रों से मिलने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय गये थे. जहां उन्होनें भाषण भी दिया था, जिसमें कहा था की भारत में सभी को अपनी बात रखने का हक है और जो भी इस स्वतंत्रता पर रोक लगाता है वह देशद्रोही है.