नई दिल्ली. जेएनयू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को पटियाला हाउस कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने आज पांच वकीलों और एक पुलिस अधिकारी की टीम बनाई है जो तुरंत पटियाला हाउस कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी.

इस टीम में दुष्यंत दवे, एके सिन्हा, कपिल सिब्बल, एडी राव, हरिन रावल और राजीव धवन का नाम शामिल हैं. इससे पहले, आज सुबह मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और कोर्ट प्रशासन को कन्हैया की पेशी के दौरान सुरक्षा कड़ी करने को कहा था.

दिल्ली पुलिस को हाजिर होने का आदेश

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ही अंतरिम आदेश जारी किया था लेकिन कोर्ट परिसर में आज फिर एक पत्रकार की पिटाई और वकीलों के हंगामे के बाद सुप्रीम कोर्ट नाराज हो गया है. कोर्ट ने नोटिस देकर दिल्ली पुलिस को फिर हाजिर होने का आदेश दिया है. कोर्ट ने पुलिस को 10 में हाजिर होने का आदेश दिया है औ कहा है कि आखिर क्यों नहीं आदेश का पालन हुआ.

कोर्ट ने आज पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया की पेशी के लिए अंतरिम निर्देश दिए थे. कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट परिसर में 25 पत्रकार मौजूद रह सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि कोर्टरूम में जांच अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. कोर्टरूम में कन्हैया के वकील, जेएनयू के दो फैकल्टी, दो दोस्त या परिवार के लोग, 5 पुलिसवाले और पांच पत्रकार मौजूद रहेंगे.

दिल्ली हाईकोर्ट भी कर रहा मामले की जांच

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा था कि हमने पटियाला कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस ने कहा कि कोर्ट में हुई घटना की जांच हो रही है. दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कहा गया कि वह भी मामले की जांच कर रहा है. दो बजे जिला जज अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. याचिकाकर्ता के अलावा मामले में केटीएस तुलसी, प्रशांत भूषण भी बहस कर रहे हैं.

जेएनयू के पूर्व स्टूडेंट ने दायर की है याचिका

जेएनयू के पूर्व स्टूडेंट एनडी जयप्रकाश की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कन्हैया के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोई व्यवधान न हो यह सुनिश्चित किया जाए.

याचिका में ये भी मांग की गई थी कि कोर्ट परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना जरूरी है ताकि कोई भी शख्स हिंसा का शिकार न हो. याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता भी फिजिकल वॉयलेंस का शिकार हुआ है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जेएनयू स्टूडेंट, टीचर और जर्नलिस्ट कोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद थे लेकिन तभी उनके साथ कुछ लोगों ने हिंसा की.