नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का मुद्दा दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है. जेएनयू में कुछ छात्रों द्वारा देश विरोधी नारे लगाने पर एक हैकर्स ग्रुप ने नाराजगी जताते हुए यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाईट हैक कर ली. जिसके द्वारा हैकर्स ग्रुप ने अपने मन की भडास निकाली. जेएनयू प्रशासन ने सेंट्रल लाइब्रेरी की वेबसाइट हैक होने की पुष्टि की है. 
 
ब्लैक ड्रैगन  द्वारा वेबसाइट हैक करने का दावा
जेएनयू यूजर्स ने वेबसाइट  lib.jnu.ac.in पर लॉग इन करने की कोशिश की तो उन्हें वहां भारत का झंडा नजर आया. जिसके बैकग्राउंड में “ऎ मेरे वतन के लोगों” गाना चल रहा था”. ब्लैक ड्रैगन द्वारा वेबसाइट हैक करने का दावा किया गया. इसके अलावा वेबसाइट पर यह संदेश दिखा कि जैसा कि आप कहते हैं ‘कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी-जंग रहेगी’, तो आपको लगता है कि महज जेएनयू परिसर में कश्मीर का मुद्दा उठाकर आप इसे हासिल कर लेंगे. 
 
‘काम खत्म होने के बाद लगा हैकिंग का पता’ 
वहीं विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी अधिकारियों ने बताया कि कामकाज का समय खत्म होने के बाद वेबसाइट हैक होने का पता चला. मामले के बारे में यूनिवर्सिटी के आईटी विभाग को तुरंत सूचित कर दिया गया. जिसके बाद उसे ठीक करने की कार्रवाई की गयी. इसके अलावा अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की गई है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि हैकर्स ने जिस नारे का जिक्र वेबसाइट पर किया है, वो 9 फरवरी को यूनवर्सिटी कैंपस में हुए एक कार्यक्रम में छात्रों ने लगाया था.
 
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी के मौके पर जेएसयू में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें छात्रों ने जमकर देश विरोधी नारे लगाए थे. देशद्रोह के मामले में यूनिवर्सिटी की छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिसके बाद जेएनयू जांच कमेटी ने भी कन्हैया को दोषी माना है. इसके अलावा अब प्रदर्शनकारियों द्वारा यूनिवर्सिटी बंद करने की मांग उठने लगी है.