नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में जेएनयू मुद्दे पर भी बात हुई. करीब दो घंटे चली बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार विपक्षी दलों की सभी चिंताओं को दूर करेगी.

बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने कई मुद्दे उठाये और कहा कि वह केवल बीजेपी के प्रधानमंत्री नहीं है बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं. इस बात पर पीएम मोदी की ओर से कहा गया कि वे देश के नेता के तौर पर कार्रवाई करेंगे न कि एक पार्टी के नेता के तौर पर.

संसद के बजट सत्र से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ चर्चा के क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से बुलाई गई यह पहली ऐसी बैठक है. पीएम मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि हम विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देंगे और उनका निराकरण करेंगे, मुझे उम्मीद है कि यहां बना सौहार्दपूर्ण माहौल संसद में कार्यरूप में परिणत होगा.

वेंकैया ने कहा कि इस बात को लेकर आम सहमति थी कि संसद को सुचारू रूप से चलना चाहिए. जेएनयू विवाद में बीजेपी जहां कांग्रेस पर ‘राष्ट्रद्रोहियों’ का समर्थन करने का आरोप लगा रही है.

वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे सभी छात्रों से अपने को ‘अलग’ करती है जो देश की अखंडता और संविधान को निशाना बनाकर नारेबाजी कर रहे हैं. उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि जेएनयू छात्र संघ के गिरफ्तार अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह के कोई सबूत नहीं हैं. दूसरी तरफ सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों द्वारा की गई नारेबाजी ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ है.

सरकार ने कहा कि वह 23 फरवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान सदन में जेएनयू से जुड़े विवाद पर चर्चा कराने को तैयार है और पीएम मोदी ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करेगी.