नई दिल्ली. जेएनयू मामले में आईबी ने गृहमंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उमर खालिद अलगावादियों और छात्रों के बीच की कड़ी था. इतना ही नहीं खालिद का संपर्क कश्मीरी अलगावादी नेताओं और जैश-ए- मोहम्मद से भी है.

खुलासा हुआ है कि खालिद पिछले कई महीनों से युवकों को जुटाने में लगा हुआ था. खालिद के साथ कश्मीरी युवकों की टीम भी थी. पुलिस भी करीब 10 कश्मीरी युवकों की तलाश कर रही है. ये लोग कश्मीर से ही आए थे.

पाक भी जा चुका है  उमर

रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ है कि उमर खालिद पाकिस्तान भी जा चुका है. वहीं रिपोर्ट में लिखा है कि जेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष कन्हैया करीब 80 छात्रों को लीड कर रहा था. नारे लगाने वालों में 20 से 25 लड़कियां भी शामिल थीं.

IB ने दिल्ली पुलिस को चेताया था

आईबी का कहना है कि पिछले डेढ़ महीनें से ये कश्मीरी यहां आते रहते थे और छात्रों के साथ बैठक करते थे. इस मामले में आईबी ने दिल्ली पुलिस को पहले ही चेताया था.

ये भी हुए खुलासे

डैमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन यानी डीएसयू के पूर्व सद्स्य कश्मीरी अलगावादियों के संपर्क में थे और ये लोग यहां लगातार आते-जाते रहते थे.

घटना के दिन डीएसयू के पूर्व सदस्य, कश्मीरी छात्र और काफी संख्या में कश्मीरी लोग जेएनयू कैंपस में आए थे. ये लोग पिछले दो दिन से कैंपस में रह रहे थे. हालांकि ये कितने लोग थे इसकी जानकारी ली जा रही है. कहा जा रहा है कि ये लोग यूथ टैरर के सदस्य हो सकते हैं.

क्या है मामला

बता दें कि जेएनयू परिसर में अफजल गुरु के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम के संचालक उमर खालिद एवं उसके चार सहयोगियों अनंत प्रकाश, आशुतोष, रामानागा और अनुवर्ण भट्टाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पांचों छात्र तीन दिन से फरार हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन छात्रों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे हैं और उनकी आखिरी लोकेशन जेएनयू से आ रही है. पुलिस इन छात्रों के साथियों से भी पूछताछ कर रही है.