पटना. जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी में चल रहे विवाद पर बिहार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है. नीतीश ने विरोध करते हुए कहा है कि कौन राष्ट्रविरोधी नारे लगा रहा है? इस पर सबूत पेश किए जाने चाहिए न कि आधारहीन आरोप लगाए जाने चाहिए.
 
साथ नीतीश ने कहा कि कोई नहीं कह रहा है कि जेएनयू में जो हुआ वो ठीक था लेकिन जिन लोगों ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए है उनकी पहचान करनी चाहिए.
 
नीतीश ने आगे कहा कि जिस तरह का केंद्र रवैया है उस हिसाब से 2019 में देश की जनता इन्हें बाहर निकाल कर फेंक देगी.
 
क्या है मामला ?
 
बता दें कि जेएनयू परिसर में छात्रों के एक समूह ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को वर्ष 2013 में फांसी दिए जाने के मुद्दे पर सरकार एवं देश के खिलाफ कथित तौर पर नारे लगाए थे.
 
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस समारोह के आयोजन की अनुमति रद्द किए जाने के बावजूद यह आयोजन किया गया था. यह अनुमति एबीवीपी के सदस्यों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद रद्द की गई थी. एबीवीपी सदस्यों ने इस आयोजन को ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया था.