इलाहाबाद. गृह मंत्री राजनाथ सिंह का मानना है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हो रहे प्रदर्शन के पीछे लश्कर के मुखिया हाफिज सईद का हाथ है. राजनाथ सिंह आज इलाहाबाद राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके घर आए थे.
 
राजनाथ ने कहा है कि हाफिज सईद ने इस घटना का जो समर्थन किया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है और समूचे देश को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए. उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों को नसीहत देते हुए कहा है कि वह देशद्रोह जैसी घटना का सियासी फायदा लेने की कोशिश न करें.
 
सियासी पार्टियां अपना फायदा न देखें
गृह मंत्री ने सभी संगठनों और सियासी पार्टियों से अपील की है कि वह देश के खिलाफ होने वाली घटना को अपने फायदे नुकसान के नजरिए से न देखें और इस मुद्दे पर एकजुट होकर देश का समर्थन करें. उनके मुताबिक़ देश से जुड़े सवाल पर सियासत करने के बजाय सब को साथ खड़े होना चाहिए. 
 
किसी को बख्शा नहीं जाएगा
राजनाथ सिंह ने फिर दोहराया है कि जेएनयू की घटना में दोषी लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तो होगी, लेकिन किसी भी निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा.
 
राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने यह निर्देश दे दिया है कि इस मामले में किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए. उन्होंने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर कहा है कि पुलिस ने सोच समझकर ही कोई फैसला किया होगा. पुलिस के पास क्या सबूत हैं फिलहाल उनके पास इसकी जानकारी नहीं है.
 
क्या है मामला?
बता दें कि जेएनयू में 9 फरवरी को संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी मनाई गई थी, जिसमें भारत विरोधी नारे लगाए गए थे. पाकिस्तान जिंदाबाद के भी नारे लगे थे. लेकिन पुलिस ने 12 फरवरी को देशद्रोह के आरोप में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया. कन्हैया की गिरफ्तारी तब की गई जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि जेएनयू में देशद्रोही की कार्रवाई को बर्दाशत नहीं किया जाएगा.