नई दिल्ली. हिमस्खलन हादसे में शहीद हुए सियाचिन की सोनम सैन्य चौकी पर तैनात नौ जवानों के शवों को बेस कैंप में लाया गया है. सेना ने यह जानकारी दी. सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, “मौसम बहुत कम समय के लिए हल्का सा साफ हुआ और साहसिक कदम उठाते हुए सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए सियाचिन में शहीद हुए नौ सैनिकों के शवों को बेस कैंप के नजदीक स्थित हवाई पट्टी लाया गया.” 
 
प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को भी तीन बार शव लाने की कोशिशें की गईं, लेकिन खराब मौसम के चलते तीनों ही प्रयास विफल रहे. सैनिकों के शव जैसे ही जम्मू-कश्मीर के पार्तापुर लाए गए उन्हें सड़ने से बचाने के लिए रसायन का लेप लगाया गया और एक एफआईआर भी दर्ज कराई गई. 
 
प्रवक्ता ने कहा, “अगर मौसम सही रहा तो सैनिकों के शव रविवार की सुबह लेह ले जाए जाएंगे और फिर से वहां नई दिल्ली ले जाया जाएगा.” 
 
जिन सैनिकों की मौत हुई है, उनके नाम हैं: सूबेदार नागेश टीटी (तेजूर, जिला हासन, कर्नाटक), हवलदार इलम अलए एम (दुक्कम पाराई, जिला वेल्लोर, तमिलनाडु), लांस हवलदार एस. कुमार (कुमानन थोजू, जिला तेनी, तमिलनाडु), लांस नायक सुधीश बी (मोनोरोएथुरुत जिला कोल्लम, केरल), लांस नाइक हनमानथप्पा कोप्पड, (बेटाडुर, जिला धारवाड़, कर्नाटक), सिपाही महेश पीएन (एचडी कोटे, जिला मैसूर, कर्नाटक), सिपाही गणेशन जी (चोक्काथेवन पट्टी, जिला मदुरै, तमिलनाडु), सिपाही राम मूर्ति एन (गुडिसा टाना पल्ली, जिला कृष्णागिरी, तमिलनाडु), सिपाही मुश्ताक अहमद एस (पारनापल्लै, जिला कुर्नूल, आंध्र प्रदेश) और सिपाही नसिर्ंग असिस्टेंट सूर्यवंशी एसवी (मस्कारवाडी, जिला सतारा, महाराष्ट्र).
 
एक अन्य जवान लांस नायक हनुमनथप्पा कोप्पड़ बर्फ की मोटी चादर के नीचे जीवित दबे निकाल लिए गए थे, लेकिन गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई. हनुमनथप्पा का शुक्रवार को कर्नाटक के उनके गांव में आंतिम संस्कार कर दिया गया.
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