मुंबई. 26/11 हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली की गवाही का आज पांचवे दिन भी जारी है. आतंकवादी डेविड हेडली ने आज 26/11 मुंबई हमले में आतंक के कोड वर्ड का खुलासा किया है. हेडली ने बताया कि ईमेल में आतंकी मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी को दोस्त,  हाफिज सईद को अंकल कहते थे. इसी तरह जेल को अस्पताल और पुलिस को और पाक सरकार को डॉक्टर कहते थे. 
 
‘मेल के जरिए होती थी बातचीत’
हेडली ने गवाही में उस मेल आईडी का खुलासा किया, जिसका  इस्तेमाल साजिद मीर और वह एक-दूसरे को मेल लिखा करते थे. हेडली की ईमेल आईडी gulati22@hotmail.com और साजिद मीर की rare.lemon@gmail.com थी. हेडली ये सारी जानकारी मेल आईडी से पाक भेजता था. उसने 8 जुलाई को लश्कर के साजिद मीर को एक मेल किया था, जिसमें उसने पूछा था कि क्या अंकल और उसके फ्रेंड की समस्याओं का समाधान हुआ?  
 
हेडली ने बताया कि मुबई हमले के बाद पाकिस्तान सरकार ने जांच शुरु कर दी थी. इस मामले में लश्कर के कई लोगों से पूछताछ हुई थी, इसलिए उसने यह मेल भेजा था. तब मीर ने कहा था कि तुम्हारे अंकल को कुछ नहीं होगा. 
 
‘पुणे आर्मी हेडक्वार्टर की भी रेकी की’
हेडली ने पुणे के आर्मी हेडक्वार्टर की भी रेकी की थी और वीडियो बनाया था. साजिद मीर ने हेडली से कहा था पुणे आर्मी में किसी को दोस्त बनाओ और आर्मी के दस्तावेज निकालो. 2009 में भारत आने से पहले हेडली ने एक वसीहत भी बनाई थी, जिसमें सारी प्रोपर्टी और धन का मालिक डॉ. मुनव्वर राणा को बनाया था. हेडली का कहना है कि उसने वसीयत इसलिए बनाई थी, की अगर वो भारत में गिरफ्तार या मारा गया तो पूरा मामला राणा देख ले.
 
‘सेना की गोपनीय सूचना साझा करने को कहा’
हेडली ने अदालत को बताया कि आईएसआई के मेजर इकबाल ने उससे पुणे स्थित भारतीय सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय जाने के लिए कहा था. मेजर इकबाल चाहते थे कि सेना की गोपनीय सूचना साझा करने वाला कोई व्यक्ति नियुक्त किया जाए. हेडली ने अदालत को बताया कि 26/11 हमलों के बाद वह लश्कर-ए-तैयबा के साजिद मीर के साथ लगातार संपर्क में था और वह हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी की सुरक्षा को लेकर चिंतित था.