सूरत. गुजरात में पटेल आरक्षण के नेता हार्दिक पटेल ने इस बार गुजरात सरकार पर सीधे निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाया है. हार्दिक पटेल ने दावा किया है कि उन्हें गुजरात सरकार ने आंदोलन वापस लेने के लिए 1200 करोड़ रुपए और बीजेपी की राष्ट्रीय युवा इकाई का अध्यक्ष पद देने की पेशकश की थी. हार्दिक ने यह दावा आज विभिन्न मीडिया प्रतिष्ठानों को मिले एक पत्र में किया.
 
इस पत्र में दावा किया गया है कि इसे सूरत जेल में कैद हार्दिक पटेल ने लिखा है. इस पत्र पर सूरत की लाजपोर जेल के अधिकारियों की कोई आधिकारिक मुहर नहीं है और ना ही आरोप वाले इस पत्र की सच्चाई को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.
 
माता-पिता से की पत्र की शुरूआत
हार्दिक ने माता-पिता और बहन को संबोधित करते हुए पत्र की शुरुआत की है. उसने लिखा है कि चाचा उससे मिलने आए थे, उनके साथ यह पत्र भेज रहा हूं. हार्दिक के नाम से लिखे गए पत्र में एक आईएएस अफसर का भी जिक्र है. पत्र में लिखा है कि इन्होंने मुझसे कहा कि वे ही गुजरात की सरकार चला रहे हैं.’ मुझसे मिलने वाले अफसरों में एक वही हैं, जिन्होंने आंदोलन के वक्त पाटीदारों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था. 
 
क्या लिखा है पत्र में?
पत्र में लिखा है कि अहमदाबाद और सूरत जेल में सरकार के दो-तीन लोग उससे मिलने आते हैं. इनमें एक आईएएस अफसर है, जो सरकार में उच्च पद पर सेवारत है. अफसर ने उसे 1200 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय बीजेपी युवा मोर्चा के लिए ऑफर किया, लेकिन इसके लिए उसे आंदोलन बंद करने के पत्र पर हस्ताक्षर और समाज से आंदोलन बंद करने के लिए अपील करनी होगी. उससे कहा गया यदि आंदोलन बंद नहीं किया जाएगा तो राज्य में कोई भी व्यक्ति तुम्हें जेल से बाहर नहीं निकाल सकता.
 
‘समाज से गद्दारी नहीं करूंगा’
हार्दिक ने लिखा है कि उसे जेल से बाहर नहीं आ पाने का कोई मलाल नहीं है. मैं अपने समाज से गद्दारी नहीं करूंगा. मैं आंदोलन के अन्य नेताओं से कहना चाहता हूं कि आंदोलन जारी रखें. मैं अपनी मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखूंगा. अगर मुझे घर से भी निकाल दिया जाएगा, तब भी मैं हार नहीं मानूंगा.
 
‘बहार आते ही करूंगा बहन की शादी’
हार्दिक ने आगे लिखा है, ”आप लोग मेरी चिंता न करें. मुझे अगर जमानत मिली तो बाहर आते ही धूमधाम से बहन की शादी करूंगा.” अगर हमारे घर आंदोलन का कोई नेता आकर आंदोलन बंद करने की बात कहता तो उससे आप लोग कह देना कि मेरे लड़के से पहले अन्य युवकों को जेल से रिहा करो.
 
‘हार्दिक को रिहा करें’
वहीं पटेल आंदोलन समिति के अन्य नेता वरुण पटेल कहना है कि अगर हार्दिक पटेल रिहा कर दिए जाते हैं तो पाटीदार सरकार का विरोध नहीं करेंगे. वरुण के मुताबिक अगर सरकार एकता रैली और महिला सम्मेलन के पहले हार्दिक सहित अन्य नेताओं को रिहा कर दे तो यह रैली और सम्मेलन एक सामाजिक कार्यक्रम में तब्दील हो जाएगा.