नई दिल्ली. नेशनल हेराल्ड केस में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप में फंसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने पेशी से छूट दे दी है. बता दें कि यह मामला शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी आपराधिक शिकायत पर आधारित है जिसमें इन पर धोखधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वाघात का आरोप लगाए गए और इनके पासपोर्ट जब्त कर लेने की अर्जी दी गयी थी.
 
मजिस्ट्रेट ने इन्हें जमानत देते हुए कहा, ‘आरोपी जाने-माने लोग हैं और इनके गहरे राजनीतिक आधार है और इनके देश छोड़कर भागने की कोई आशंका नहीं है.’
 
कोर्ट में थे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राहुल-सोनिया कड़ी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में मेट्रोपोलिटन जज लवलीन की अदालत में पेश हुए. उनके साथ केस के अन्य आरोपी मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस और सुमन दूबे भी थे. दलीलें सुनने  के बाद अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी. मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी.
 
कौन रहे जमानती?
बता दें कि सोनिया गांधी के जमानती पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बने जबकि राहुल गांधी की जमानत उनकी बहन प्रियंका वाड्रा ने दी. वहीं, ऑस्कर फर्नांडीस के जमानती गुलाम नबी आजाद बने और बीके हरिप्रसाद और अजय माकन ने अन्य आरोपियों की जमानत दी. मामले के एक अन्य आरोपी सैम पित्रोदा को चिकित्सा आधार पर पेशी से छूट दी गई थी.
 
कौन-कौन मौजूद रहे?
सुनवाई के दौरान कोर्ट में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे, अंबिका सोनी, शीला दीक्षित, मीरा कुमार और अश्विनी कुमार समेत कई बड़े कांग्रेसी नेता मौजूद रहे.
 
दावे का क्या हुआ?
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उनका (सोनिया-राहुल) यह दावा कि वे जमानत नहीं लेंगे, गलत साबित हुआ. उन्होंने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए साफ किया कि यह बदले की कार्रवाई नहीं है. इस मामले में साक्ष्यों को देखें.