नई दिल्ली. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जेएनयू मामले को गंभीरता से लेते हुए देश‌ विरोधी तत्वों की सख्त शब्दों में निंदा की. राजनाथ ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा जिन लोगों ने देश-विरोधी नारे लगाएं हैं. गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग देश की एकता और अखंडता को चोट पहुंचाने की कोशिश करेंगे सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा. देश की अस्मिता को चोट पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है.
 
इसके अलावा राजनाथ ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस कमीश्नर को जेएनयू में देश विरोधी नारे पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा प्रेस कल्ब में हुए एक प्रोग्राम को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. बताया जा रहा है कि यह प्रोग्राम भी अफजल के सपोर्ट में आयोजित किया गया था.
 
देशद्रोह और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज
बीजेपी सांसद महेश गिरि और स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन एबीवीपी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में देशद्रोह का एक केस दर्ज किया. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि देशद्रोह और आपराधिक साजिश के तहत वसंत कुंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की और आगे की कार्रवाई वीडियो फुटेज देखकर की जाएगी.
 
क्या है मामला?
बता दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी जेएनयू में मंगलवार को कुछ छात्रों ने संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की बरसी मनाई और इस मौके पर देश विरोधी नारे भी लगाए गए थे. दरअसल छात्रों के एक समूह ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में प्रोग्राम आयोजित किया था. विरोध कर रहे छात्रों के गो बैक इंडिया, कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी, भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जैसे नारों ने पूरे कैंपस में बवाल खड़ा कर दिया. जब एबीवीपी के छात्रों ने इसका विरोध किया तो ये छात्र उनसे भी भिड़ गए. 
 
JNU छात्रसंघ ने जारी किया सांझा बयान
अफजल गुरु की बरसी पर कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में पर जेएनयू छात्रसंघ ने एक सांझा बयान जारी करते हुए कहा है कि कैम्पस में 9 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम अनुचित नहीं था. छात्रसंघ का कहना है कि इस दौरान कुछ लोगों के द्वारा गए भारत को बांटने के नारों की हम निंदा करते हैं.