लखनऊ. उत्तर प्रेदश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को विधानसभा में सप्लिमेंट्री बजट पेश किया है. इस बजट में अखिलेश सरकार ने बुंदेलखंड के किसानों को राहत और कर्ज के भारी बोझ तले दबी बिजली वितरण कंपनियों का खासा ख्याल रखा गया है. साथ ही मेट्रो के लिए भी धन का ध्यान रखा गया है. जानकारी के अनुसार बजट का लगभग 27 हजार करोड़ रुपये का है.
 
सप्लिमेंट्री बजट सूखाग्रस्त जिलों में किसानों को राहत देने और कर्ज के भारी बोझ तले दबी बिजली वितरण कंपनियों को उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के जरिये सुकून देने के मकसद से लाया जा रहा है. हाल ही में केंद्र सरकार ने सूबे में सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य को पहले 1304 करोड़ रुपये की धनराशि देने का निर्णय किया था.
 
बाद में पहली अप्रैल 2015 को राज्य आपदा मोचक निधि में उपलब्ध केंद्रांश की धनराशि को समायोजित करते हुए केंद्र ने उप्र को सूखा राहत के लिए 934 करोड़ रुपये ही स्वीकृत करने के बारे में सूचित किया है. राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाली धनराशि के लिए दूसरे अनुपूरक बजट में प्रावधान करने जा रही है.
 
इसके अलावा केंद्र की उदय योजना के तहत भी राज्य सरकार की बाध्यता है. प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों पर 30 सितंबर 2015 को बकाया ऋण 47702 करोड़ रुपये के 75 प्रतिशत अंश यानी 35777 करोड़ रुपये के बराबर बंध पत्र जारी करते हुए ऋणों के अधिग्रहण के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 23851 करोड़ रुपये के बांड इस योजना के अनुसार राज्य सरकार को जारी करना है. दूसरे सप्लिमेंट्री बजट में इस योजना के तहत तकरीबन 26 हजार करोड़ रुपये धन का प्रावधान किया जा रहा है. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट पिछले साल 17 अगस्त को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया था.
 
सप्लिमेंट्री बजट पेश करने के बाद सीएम ने क्या कहा?
 
विपक्ष कम्प्युटर से दुश्मनी रखते हैं और वे पुराने आंकड़ों पर बात कर रहे हैं. बुंदेलखंड के किसानों के लिए सरकार मदद कर रही है यहां सबसे ज्यादा किसान कहां मर रहे हैं पता कर लीजिए. ये सप्लिमेंट्री बजट किसानों के लिए है साथ ही सरकार रेवेन्यू पावर सेक्टर में काम करना चाहती है. बता दें कि हाल ही में बुंदेलखंड की समस्याओं  के चलते अखिलेश यादव दौरा कर चुके हैं.