पारादीप. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की सालाना 1.5 करोड़ टन क्षमता की एक रिफायनरी का उद्घाटन किया. उन्होंने हालांकि विभिन्न परियोजनाओं में होने वाली देरी पर खेद व्यक्त किया. प्रधानमंत्री ने कहा, “वैधानिक और निविदा प्रक्रिया और स्थानीय विरोध के कारण परियोजनाओं में देरी हो रही है, जिससे इनकी लागत बढ़ रही है. इन्हें निर्धारित समय से पहले पूरा किया जाना चाहिए, ताकि देश को देरी के कारण अतिरिक्त लागत न उठानी पड़े.”
 
‘क्रेडिट लेना चाहती है कांग्रेस’
उन्होंने कहा कि नई संस्कृतिक का विकास किया जा रहा है, ताकि परियोजनाएं समय के अंदर पूरी हों. आईओसीएल की रिफायनरी के निर्माण पर 34,555 करोड़ रुपये खर्च आया है. उन्होंने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा, “इन दिनों मैं जिस भी परियोजना का उद्घाटन करने के लिए जाता हूं, उसके बारे में हमारे कांग्रेसी सदस्य कहते हैं कि यह उनके समय में शुरू की गई थी.” उन्होंने पारादीप परियोजना को ओडिशा का विकास दीप बताया.
 
’10 फीसदी घटेगा तेल आयात’
उन्होंने कहा कि सरकार तेल आयात कम करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, “मैंने पेट्रोलियम मंत्रालय से कहा है कि 2022 तक तेल आयात 10 फीसदी घटाए, जब भारत आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहा होगा. मंत्रालय तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए पूरी कोशिश करेगा.” उन्होंने कहा, “पारादीप रिफायनरी भारत में निर्मित है, भारतीयों के लिए निर्मित है और भारतीयों द्वारा निर्मित है. इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है, जिसने दुनिया को हैरत में डाल दिया है.”
 
लाखों रोजगारों का भरोसा भी दिया
मोदी ने भरोसा दिया कि पारादीप रिफाइनरी से रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे. क्योंकि यह प्लास्टिक सहित कई उद्योगों के लिए कच्चा माल बनाएगी. मोदी ने अपनी महत्वाकांक्षी स्टार्ट अप इंडिया योजना का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम नहीं चाहते कि युवा रोजगार ढूंढें. हम चाहते हैं कि युवा रोजगार का सृजन करें.’
 
34,555 करोड़ की है रिफाइनरी
पीएम मोदी ने पारादीप में जिस रिफाइनरी का उद्घाटन किया उसकी लागत 34,555 करोड़ रुपये है. इसे बनने में 16 साल लगे. अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 मई 2000 को इसकी आधारशिला रखी थी. यह IOC का नौंवा प्लांट है. इसकी क्षमता सालाना डेढ़ करोड़ टन क्रूड ऑयल निकालने की है. इसके चालू होते ही IOC अब रिलायंस को पीछे छोड़कर सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी बन गई है. रिलायंस की क्षमता 62 मिलियन टन है, जबकि अब IOC की क्षमता 69.2 मिलियन टन हो गई.
 
अर्थव्यवस्था पर होगा यह असर
हमने 2014-15 में 112.7 अरब डॉलर खर्च कर 18.94 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया. पारादीप रिफाइनरी से जो तेल मिलेगा उससे हमारा आयात खर्च 7 फीसदी तक कम हो जाएगा. फिलहाल भारत अपनी 79 प्रतिशत तेल जरूरतें दूसरे देशों से आयात के जरिए पूरा करता है. सरकार का लक्ष्य है 2022 तक तेल आयात पर हमारी निर्भरता 10 प्रतिशत तक कम हो जाए. मोदी ने कहा भी- हमारा मकसद ‘खाड़ी का तेल और झाड़ी (जैव ईंधन) का तेल मिलाना है.’