विशाखापत्तनम. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पारदीप रिफाइनरी के उद्घाटन के बाद कहा कि भारत इसी साल अप्रैल में ग्लोबल मैरिटाइम समिट का आयोजन करेगा. प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल फ्लीट रीव्यू (आईएफआर) को सफल बनाने के लिए भारतीय नौसेना का आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित एक समारोह में यह घोषणा की.
 
‘नौसेना का आभारी हूं’
उन्होंने कहा, “इस फ्लीट रीव्यू को बेहद सफल बनाने के लिए अथक मेहनत करने वाले भारतीय नौसेना से जुड़े महिला और पुरुष सैनिकों का मैं बेहद आभारी हूं. ग्लोबल मैरिटाइम समिट की जीवनरेखा है. समुद्र हमें अपने देश के निर्माण के लिए अपार आर्थिक अवसर मुहैया कराते हैं.”
 
‘नौसेनाओं का शानदार अनुभव रहा’
अंतर्राष्ट्रीय नौसेना बेड़ा समीक्षा में पूरी दुनिया की करीब 50 नौसेनाओं ने हिस्सा लिया. भारत में आईएफआर का यह दूसरा आयोजन था. अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रीव्यू के शानदार आयोजन पर प्रधानमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा, “मेरे लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्वश्रेष्ठ नौसेनाओं की समृद्ध परंपरा का अवलोकन शानदार अनुभव रहा.”
 
नायडू का मोदी ने किया धन्यवाद
मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को अपना भरपूर समर्थन देने के लिए मैं मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का भी दिल से आभार व्यक्त करता हूं.” 
 
‘समुद्र मार्ग चुनौतीपूर्ण’
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए समुद्र मार्ग काफी चुनौतीपूर्ण हैं, क्योंकि दुनिया में तेल उत्पादन के 60 फीसदी से भी ज्यादा का परिवहन समुद्र के जरिए ही होता है. उन्होंने कहा, ‘समुद्र से आर्थिक लाभ लेने की हमारी योग्यता इस बात पर निर्भर करती है कि समुद्री चुनौतियों से निपटने की हमारी क्षमता कैसी है. समुद्र के जरिए आतंकवाद का भारत खुद भुक्तभोगी है. यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बना हुआ है.’
 
‘समुद्र का इस्तेमाल शांति और मित्रता के लिए’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक समय की जटिल चुनौतियों के स्तर को देखते हुए अंतरराष्‍ट्रीय समुद्री स्थिरता किसी एक देश द्वारा कायम नहीं रखी जा सकती. दुनियाभर की नौसेनाओं और समुद्र से जुड़ी अन्य एजेंसियों को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है. पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें समुद्र का इस्तेमाल शांति, मित्रता और विश्‍वास का निर्माण करने और टकराव को दूर करने के लिए करना चाहिए.’