पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता बृजनाथ सिंह की हत्या के मामले को लेकर पुलिस के हाथ खाली हैं. वहीं राज्य की राजधानी में दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इस मामले को लेकर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठन की गई है.
 
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) सुनील कुमार ने शनिवार को बताया कि बृजनाथी सिंह की हत्या आपसी रंजिश का परिणाम है. उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर फतुहा थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक एफआईआर में राघोपुर के फतेहपुर गांव निवासी मुन्ना सिंह एवं राणा रणविजय, रुस्तमपुर गांव निवासी सुनील राय और सुबोध को नामजद आरोपी बनाया गया है. कुमार ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
 
क्या है मामला ?
 
आपराधिक छवि के नेता बृजनाथ सिंह एक समय तेजस्वी की मां राबड़ी देवी के खिलाफ चुनाव भी लड़े थे. सूत्रों के मुताबिक राघोपुर के कच्ची दरगाह के पास आपसी गैंगवार में अपराधियों ने AK-47 से बृजनाथ सिंह समेत तीन लोगों पर गोलियों की बरसात कर दी गई.
 
घायल हालत में उन्हें पटना के पारस अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. बृजनाथ की रिश्तेदार मुन्नी देवी नाम की एक महिला की भी मौत हो गई है.
 
घटनास्थल से पुलिस ने एके-47 के 27 खोखे बरामद किए गए. राजनीति के गलियारों में बृजनाथ सिंह एलजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के करीबी समझे जाते हैं.