मुंबई. महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं की पूजा को लेकर उठे विवाद पर आज फैसला हो सकता है. अहमदनगर के डीएम अनिल कावडे ने इस मुद्दे पर बातचीत के लिए आज दोनों पक्षों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में मंदिर ट्रस्ट और रणरागिनी भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ती देसाई शामिल होंगे. तृप्ति देसाई इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं. शनि शिंगणापुर मंदिर में शनि देव के चबूतरे पर महिलाओं के पूजा करने की परंपरा नहीं है. रणरागिनी भूमाता ब्रिगेड ने इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश की थी. 
 
विवाद कब हुआ शुरू?
विवाद तब शुरू हुआ था जब एक लड़की ने शनि शिंगणापुर मंदिर में शनि की पूजा की थी. शनि शिंगणापुर मंदिर में शनि देव के चबूतरे पर महिलाओं के जाने या पूजा करने की मनाही है. बीते दिनों एक लड़की ने वहां पूजा करने की कोशिश की थी. मंदिर प्रबंधन के लोगों ने उसे रोका और चबूतरे को साफ किया. इसके बाद विवाद शुरू हो गया था. विवाद में लड़की और से ब्रिगेड ने आंदोलन शुरू कर दिया था. ब्रिगेड से जुड़ीं महिलाओं की मांग है शनि चबूतरा पर जाने और मंदिर में पूजा करने से रोका न जाए.
 
सीएम फडणवीस ने दिया भरोसा
तृप्ति देसाई के आंदोलन के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने संगठन की देसाई को ये भरोसा दिलाया है कि वो मंदिर प्रशासन से बात कर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे. मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अहमदनगर के डीएम ने बैठक बुलाई है.
 
‘हम जरूर जीतेंगे’
ब्रिगेड की नेता तृप्ति देसाई ने कहा कि हम बैठक में अपनी सारी मांग तथ्यों के साथ रखेंगे. 400 साल की परंपरा के नाम पर महिलाओं को रोकने की कोशिश सही नहीं है. महिलाएं अपना हक क्यों छोड़ें? ब्रिगेड की सात सदस्य बैठक में जाएंगी.
 
शंकराचार्य ने शनि पूजा पर बुलाई धर्म संसद!
शनि पूजा को लेकर द्वारिका व ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इलाहाबाद के माघ मेले में धर्म संसद का आयोजन किया है. उनका दावा है कि तीन शंकराचार्य और 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि इस धर्म संसद में शामिल होंगे. इसके अलावा 1200 साधु संत भी शांमिल होंगे. चर्चा होगी कि शनि पूजा होनी चाहिए या नहीं. यही नहीं गोहत्या और गंगा पर भी चर्चा होगी.