नई दिल्ली. कांग्रेस ने गुजरात का मुख्यमंत्री आनंदी पटेल की बेटी अनार जयेश के बिजनस पार्टनर को औने-पौने दाम पर जमीन देने के मामले में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गुजरात सरकार ने 2010 में मोदी के सीएम रहते 125 करोड़ रुपए की जमीन महज डेढ़ करोड़ में दी थी. कांग्रेस ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से इस्तीफे की मांग की और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की एक समयबद्ध जांच कराने की मांग की.
 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा, “गिर लायन सैंक्चुअरी के पास 250 एकड़ जमीन को 60 हजार रुपए प्रति एकड़ के भाव लुटा दिया, जबकि जमीन का सरकारी रेट 50 लाख रुपए प्रति एकड़ था. 
 
शर्मा ने कहा कि चकित करने वाले सार्वजनिक खुलासे से यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए भाई-भतीजावाद और हितसंघर्ष को अनुमति दी और तत्कालीन राजस्व मंत्री व गुजरात की मौजूदा मुख्यमंत्री की बेटी अनार जयेश पटेल के बिजनस पार्टनर तो औने-पौने दाम पर जमीन दी इस मामले में पीएम मोदी जिम्मेदार हैं”
 
शर्मा ने कहा, “देश में भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त न करने और हर तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के प्रधानमंत्री के आश्वासन के आलोक में यह आवश्यक हो जाता है कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा बरकरार रखने के लिए इस मामले पर स्पष्टीकरण दें.”
 
शर्मा ने पीएम मोदी से पूछे सवाल
शर्मा ने मोदी से एक सवाल पूछते हुए कहा, “क्या गिरि सिंह अभयारण्य के पास 250 एकड़ सार्वजनिक भूमि का आवंटन सार्वजनिक हित में था और सरकारी संपत्ति हस्तांतरण के लिए स्थापित प्रक्रिया, कानून व नियम के अनुरूप था?” शर्मा ने सवाल किया, “क्या इस सरकारी भूमि का उचित मूल्यांकन या मूल्य निर्धारण किया गया था?” उन्होंने पूछा कि रिसॉर्ट स्थापित करने का बिल्कुल ज्ञान न रखने वाली किसी कंपनी को जमीन आवंटित करने के लिए क्या मापदंड अपनाए गए? शर्मा ने कहा, “क्या सरकारी खजाने को हुए नुकसान से नरेंद्र मोदी वाकिफ थे?”