फरीदाबाद. मोदी सरकार ने आगामी बजट सत्र में पंचायतों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण को बढ़ाकर 50 फीसदी करने के बारे में विधेयक पारित करेगी. सरकार महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षण की अवधि एक से बढ़ाकर दो कार्यकाल करने के प्रावधान पर भी विचार कर रही है.
 
पंचायती राज संबंधी एक राष्ट्रीय कार्यशाला में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बिरेंद्र सिंह ने कहा कि यद्यपि कुछ राज्य पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण प्रदान कर रहे हैं, लेकिन संविधान में संशोधन के बाद इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा.
 
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी राजनैतिक दल इस संशोधन का समर्थन करेंगे. मंत्री ने यह भी बताया कि इससे कानून में बदलाव भी होगा, जिसके तहत मौजूदा  एकल कार्यकाल के बदले 5 सालों के दो कार्यकालों के संबंध में महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे ताकि वे विकास गतिविधियों की निरंतरता बनाए रख सकें.
 
पंचायत चुनावों में महिलाओं का आरक्षण 50 फीसदी करने के प्रस्तावित संविधान संशोधन पर उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसका कोई विरोध करेगा.’ संसद के 73वें संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं में इस समय 33फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहती हैं.
 
विधवा पेंशन की उम्र को लेकर भी विचार 
संविधान में किए गए 73वें संशोधन के मुताबिक, पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिल रहा है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार विधवा पेंशन के लिए उम्र सीमा को लेकर भी विचार कर रही है. अब तक के नियमों के मुताबिक, 40 साल से ऊपर की विधवा महिलाएं पेशन के योग्य हैं. हालांकि उन्होंने इस प्लान के बारे में ज्यादा कुछ कहने से मना कर दिया.