कोलकाता. पश्चिम बंगाल में नदिया जिले की कृष्णानगर कोर्ट ने एक महिला की हत्या के मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता लंकेश्वर घोष समेत 11 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है. वहीं इसी मामले में एक आरोपी अब तक फरार है. कृष्णनगर कोर्ट ने 14 महीने पहले जमीन हड़पने के एक मामले में अपर्णा बाग नामक महिला की हत्या के मामले में यह फैसला सुनाया. इन अभियुक्तों को बीते महीने ही दोषी करार दिया गया था.
 
क्या है पूरा मामला?
23 नवंबर, 2014 की दोपहर लंकेश्वर अपने 11 साथियों के साथ घुघुरगाछी गांव पहुंचा था. जहां वह किसानों की करीब 22 बीघा जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने लगा. इस दौरान लंकेश्वर और उसके सभी साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग और बमबाजी भी की थी. विरोध करने पर विवाहित अपर्णा बाग की गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. जबकि बमों के हमले में 11वीं का छात्र राजीव मंडल और दो महिलाओं समेत कई लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे.
 
‘घटना मान कर सुनाई फांसी की सजा’
जहां सरकारी वकील विकास मुखर्जी ने बताया कि कोर्ट ने इसे एक दुर्लभ घटना मान कर सभी अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई है. वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के वकील ने कहा है कि इस सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी.
 
बता दें कि इससे पहले बीते शनिवार को एक कॉलेज छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में कोलकाता की एक अदालत ने तीन लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई थी.
 
किसानों पर जुल्म के लिए कुख्यात है लंकेश्वर
घुघुरगाछी हत्याकांड में मुख्य आरोपी तृणमूल नेता लंकेश्वर घोष गायों की तस्करी समेत विभिन्न गैरकानूनी कार्यों में लिप्त था. सूत्रों के अनुसार सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव के चलते उसके गैरकानूनी धंधे में पुलिस भी हस्तक्षेप करने का साहस नहीं जुटा पाती थी.
तृणमूल नेता उसके द्वारा किए जा रहे गलत कामों का विरोध करने वाले ग्रामीणों को अपने रुतबे से खामोश करा देता था. लंकेश्वर की शह पर उसके समर्थकों का आतंक इस कदर था की ग्रामीण मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा पाते थे, जिस कारण वह गरीब किसानों पर जुल्म ढहाने से बाज नहीं आता था.