नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर जीएसटी को जल्द लागू करने की बात दोहराई और कहा कि डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में सुधार को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है. वित्त मंत्री ने यहां दो दिवसीय निवेश सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, “जीएसटी का ज्यादातर राजनीतिक दल समर्थन कर रहे हैं और मैं समझता हूं कि बाकी दलों के लिए इसके समर्थन नहीं करने का कोई कारण नहीं है. इसलिए जल्द ही जीएसटी हकीकत में बदलेगी.”
 
जीएसटी विधेयक के वर्तमान स्वरूप का मुख्य रूप से प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस विरोध कर रही है. कांग्रेस की मांग है कि सरकार इस विधेयक में एक फीसदी अतिरिक्त कर को खत्म करे जो राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रस्तावित है. साथ ही जीएसटी की दरों को विधेयक के अंदर ही शामिल करे तथा छूट वाले चीजों की सीमा तय करे.
 
जेटली ने कहा कि अनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम के साथ ही डायरेक्ट टैक्स सिस्टम  में सुधार किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम अपने डायरेक्ट टैक्स सिस्टम को तर्कसंगत बनाना चाहते हैं ताकि हम दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था से प्रतिस्पर्धा कर सकें. वित्त मंत्री 29 फरवरी को आम बजट प्रस्तुत करने वाले हैं.
 
जेटली ने कहा कि दुनिया भर की वित्तीय प्रणालियों में चिंता बरकरार है, लेकिन भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और आगे भी बनी रहेगी. हम में इससे भी ज्यादा तेजी से वृद्धि करने की क्षमता है और हमें इसका एहसास करने की जरूरत है.
 
उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक निवेशकों का भी फायदा है, क्योंकि देश में अवसंरचना, सड़क, राजमार्ग, फ्लाईओवर, रेल, बिजली, अक्षय ऊर्जा, तेल, गैस, बंदरगाह और एयरपोर्ट जैसे कई क्षेत्रों में निवेश की भारी जरूरत है. 
 
उन्होंने कहा कि इसमें भारत और भारत में निवेश करने वाले दोनों ही पक्षों के लिए फायदे का सौदा है. उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार विवादों के समाधान के लिए तेजी से काम कर रही है और कोई भी परियोजना लंबित नहीं रहेगी.