लद्दाख. जम्मू और कश्मीर के लद्दाख में सियाचिन ग्लेशियर पर बर्फीले तूफान के कारण लापता हुए सभी 10 जवान शहीद हो गए हैं. इस दुखद घटना की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर दी है.
 
गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जवानों की बहादुरी को सलाम करते हुए उनकी शहादत की खबर दी. पीएम ने जवानों के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सियाचिन में हुआ हादसा बहुत दुखद है.
 

कब घटी यह घटना?
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक जवानों के साथ यह हादसा तब हुआ जब वह जमीन से 19000 फुट की ऊचांई पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. सेना की उत्तरी कमान के प्रवक्ता कर्नल एस. डी. गोस्वामी ने बताया कि बुधवार को सियाचिन ग्लेशियर के दक्षिणी हिस्से में सैनिकों का गश्ती दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया जिसमें 10 सैनिक लापता हैं. इनमें एक जूनियर कमिशन अधिकारी (जेसीओ) भी है.
 
बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र है. यहां बहुत खराब मौसम में भी बहादुर सैनिक इस हिस्से की हिफाजत करते हैं. यहां ठंड में तापमान शून्य से नीचे 50 डिग्री तक चला जाता है.