नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी, गैंगस्‍टर मुन्‍ना बजरंगी, मिराज व इफ्तिकार को दिल्‍ली की तीसहजारी कोर्ट ने मकोका (महाराष्ट्र आर्गेनाइज्‍ड क्राइम कंट्रोल एक्‍ट)केस से सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि सभी पर अभियोजन अपना आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है.
 
दरअसल स्‍पेशल सेल के एसीपी संजीव यादव की शिकायत पर मुख्‍तार अंसारी,मुन्‍ना बजरंगी, मिराज और इफ्तिकार के खिलाफ दिल्‍ली पुलिस ने 7 नवंबर 2009 को मकोका का केस दर्ज किया था. पुलिस ने इसी दिन मुन्‍ना बजरंगी को भी गिरफ्तार किया था.
 
पुलिस के अनुसार मुख्‍तार अंसारी पर 38, मुन्‍ना बजरंगी पर 42, मिराज पर 13 और इफ्तिकार पर लूट, हत्‍या, डकैती और फिरौती के मामले देश के विभिन्‍न थानों में दर्ज है. पुलिस ने उक्‍त चारों के खिलाफ मकोका मामले में अदालत में चार्जशीट फाइल की थी. 
 
पुलिस का कहना था कि उक्‍त चारों लोग उत्‍तर प्रदेश व देश के कई अन्‍य राज्‍यों में संगठित अपराध का साम्राज्‍य चला रहे हैं. यह गतिविधि महाराष्‍ट्र आर्गेनाइज्‍ड क्राइम कंट्रोल एक्‍ट(मकोका) के तहत अपराध है. अदालत ने उक्‍त चारों पर मई 2012 में आरोप तय करते हुए इनके खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश जारी किए थे.