बेंगलुरु. कर्नाटक के बेंगलुरू शहर में तंजानियाई छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद राज्य के गृह मंत्री जी.परमेश्वार ने कहा है कि छात्रा पर नस्लीय हमला नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि छात्रा के कपड़े उतारकर परेड कराए जाने की बात में भी कोई सच्चाई नहीं है.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की ओर से ढिलाई  बरते जाने की भी जांच की जाएगी. मामला अपराध शाखा को सौंपा गया है.

गह मंत्री ने कहा कि कई बार बहुत से विदेशी छात्र पासपोर्ट एक्सपायर होने के बाद भी यहां रुके रहते हैं, हम इस तरह के मामलों को भी देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि डीजीपी और कमिश्नर को आज पीड़ित छात्रों से बात करने भेजा गया है, हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं.

गृह मंत्री ने कहा कि बेंगलुरु में 12 हजार छात्र हैं उनकी सुरक्षा हमारा कर्तव्य है, इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए.

मामले पर क्या कहा किरण रिजिजू ने

तंजानियन छात्र के साथ हुई बदसलूकी पर किरण रिजिजू का कहना है कि हमे काले-गौरे रंगभेद के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए यह विवाद महिला के खिलाफ किए गए घिनौने अपराध का है जो कि अपने आप में एक बड़ा मुद्दा है. हां यह भी सच है की रंगभेद एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि हम भी पहले यह हालात महसूस कर चुके हैं और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा हैं.

क्या है मामला

बता दें कि पुलिस ने मामले में क्रिमिनल केस दर्ज़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना रविवार की है जब कुछ लोग एक विदेशी छात्र की कार के नीचे आने से एक महिला की मौत को लेकर नाराज़ थे.

उन्होंने पहले कार चला रहे एक दूसरे विदेशी छात्र की पिटाई की और उसकी कार को आग लगा दी. इस दौरान उन्होंने वहां से गुजरने वाली तंजानिया की छात्रा से बदसलूकी की और उसके कपड़े फाड़ दिए.