नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए 551 करोड़ रुपये का लोन देने की घोषणा की है. साथ ही मुख्यमंत्री ने निगमकर्मियों से हड़ताल खत्म करने का आग्रह भी किया. लेकिन कर्मचारियों ने इस ठुकरा दिया है.
 
यूनियन के नेता आरबी ऊंटवाल ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केजरीवाल बेवकूफ बना रहे हैं, सफाई कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेंगे. कर्मचारियों को एरियर और कैशलेस मेडिक्लेम चाहिए.
 
‘एमसीडी घोटालों की CBI जांच हो’
केजरीवाल ने ऐलान करते हुए आरोप लगाया कि निगम कर्मचारियों की मौजूदा हड़ताल के जरिए दिल्ली में राष्ट्रपति शासन थोपने के लिए आधार तैयार कर रही है मोदी सरकार. बेंगलुरु में अपनी प्राकृतिक चिकित्सा कराने गए केजरीवाल ने कहा बीजेपी के शासन वाले नगर निगमों में भारी घोटाले हुए हैं. उन्होंने इनकी सीबीआई जांच की मांग की.
 
551 करोड़ रुपए का दिया लोन 
केजरीवाल ने कहा, “हम उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम को कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए 551 करोड़ रुपये लोन दे रहे हैं.” उत्तरी दिल्ली नगर निगम को स्टांप ड्यूटी बिल के एवज में 142 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे.  केजरीवाल ने लोन की घोषणा के फौरन बाद कहा, “हमें 550 करोड़ रुपये लोन के लिए निकालने में बहुत मुश्किल हुई है. दिल्ली सरकार 3000 करोड़ रुपये के वैट की कमी का सामना कर रही है.” 
 
उन्होंने ट्वीट किया, “हमने इस धनराशि का इंतजाम करने के लिए अपने कुछ मौजूदा कामों को अगले साल के लिए टाल दिया है.” 
 
NH-24 पर लगाया जाम
वेतन न मिलने के खिलाफ निगमकर्मियों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रही. हजारों कर्मचारियों ने यातायात रोक दिया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. सफाईकर्मियों ने राष्ट्रीय राजमार्गो और पूर्वी दिल्ली के विकास मार्ग पर जाम लगाया.
 
नर्स, स्कूल कर्मियों ने भी लिया प्रदर्शन में हिस्सा
निगम के स्कूलों और अस्पतालों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है. डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और स्कूल कर्मी भी प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर कूड़ा फैला दिया है. कई जगहों पर टायर जलाए गए. कई दिनों से कूड़ा पड़े होने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में हालात बदतर बने हुए हैं.