नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सफाई दी है. केंद्र ने कोर्ट में दायर जवाब में कहा है कि राज्य में गंभीर राजनैतिक अस्थिरता है और युद्ध जैसे हालात है. जिसकी वजह से चीन की ओर से खतरा बना हुआ है. 
 
कोर्ट ने केंद्र से मांगा था जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. जिसके जवाब में केंद्र ने एफिडेविट में कहा कि अरुणाचल में चीन की वजह से युद्ध जैसे हालात है और खतरा बना हुआ है, लिहाजा राष्ट्रपति शासन लगाने की संस्तुति दी गयी है.
 
राज्यपाल की रिपोर्ट्स पर लगाया राष्ट्रपति शासन
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक होम मिनिस्ट्री ने सुप्रीम कोर्ट में अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर एफिडेविट पेश किया. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी द्वारा पेश किए गए एफिडेविट में राज्यपाल जेपी राजखोवा की राष्ट्रपति को भेजी 6 रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया गया है. रिपोर्ट्स में उन कारणों को बताया गया है जिसके चलते राष्ट्रपति शासन लगाया गया.
 
चीनी घुसपैठ की वजह से लगाया राष्ट्रपति शासन
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए एफिडेविट के अनुसार बीते कुछ महीनों में प्रदेश में चीन ने घुसपैठ की है. साथ ही, चीन एक बड़े हिस्से पर कब्जे की कोशिश करता रहा है. इसके अलावा एफिडेविट के ये भी लिखा हुआ है कि स्टेट में सोशली, इकोनॉमिकली और पॉलिटिकली स्टैबिलिटी बनी रहे, इसलिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया है.
 
बता दें कि केंद्र के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को कांग्रेस ने चुनौती दी है. इसके अलावा केजरीवाल, जेडीयू समेत दूसरी पार्टियों ने भी इसे लोकतंत्र की हत्या बताया था.