नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच रेल संचार समझौते को तीन सालों के लिए बढ़ाया गया है और अब यह समझौता 18 जनवरी 2019 तक लागू होगा. इस बात की घोषणा केंद्र सरकार ने की. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि आपसी सहमति के आधार पर इस समझौते को बढ़ाया गया है. अब यह 19 जनवरी 2016 से 18 जनवरी 2019 तक लागू होगा.
 
चार दशक पहले दोनों देशों के बीच ट्रांस-बॉर्डर ट्रेन सर्विस शुरू की गई थी. इसके तहत यात्रियों के साथ ही मालगाड़ी का परिवहन भी किया जाता है.
 
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता पहली बार 28 जून 1976 को हुआ था. इस समझौते से भारत और पाकिस्तान के बीच रेलगाड़ी और मालगाड़ी चलाने के लिए संचार नेटवर्क को जोड़ा गया. फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच दिल्ली-लाहौर मार्ग पर अटारी-बाघा सीमा से और जोधपुर कराची मार्ग पर मुनाबाओ-खोखरापार सीमा से रेलगाड़ियां और मालगाड़ियां चलाई जाती हैं. 
 
बता दें कि मुनाबाव-खोखरापार रेल लिंक को 1965 की लड़ाई के समय दोनों देशों की सेना ने नष्‍ट कर दिया था. 41 साल बाद फरवरी 2006 में यह सेवा दोबारा शुरू हुई थी. समझौता एक्‍सप्रेस सप्‍ताह में दो दिन चलती है.