नई दिल्ली. बकाया राशि का भुगतान न किए जाने के विरोध में दिल्ली सरकार के खिलाफ तीन एमसीडी के कर्मचारियों द्वारा शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा. एमसीडी कर्मचारियों की हडताल से दिल्ली की हालत दिन ब दिन खराब होती जा रही है.
 
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री गोपाल राय के घर के बाहर कूड़े का ढेर लगा दिया. विरोध में कूड़ा फेंकने से साथ पुतला भी फूंका कल एमसीडी कर्मचारियों ने सिसोदिया के दफ्तरपर कूड़ा फेंककर विरोध जताया था. 
 
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार कुछ नहीं कर रही है लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम कूड़ा फेंकना और प्रदर्शन करना जारी रखेंगे.” 
 
नगर निकायों के करीब 1.5 लाख कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी तीन दिनी हड़ताल शुरू की. इस हड़ताल के चलते सड़कों से लेकर निगम के स्कूल अस्पतालों में असर दिखने लगा है. अपनी मांगों को लेकर एमसीडी कर्मचारियों ने गुरुवार को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कैंप ऑफिस के बाहर पटपड़गंज में कूढ़े का ढेर लगाकर प्रदर्शन किया.
 
इस हड़ताल में तीनों निगमों के सफाई कर्मचारी, शिक्षक, डॉक्टर सब शामिल हैं. दिल्ली के तीनों नगर निगमों के कुल सवा लाख कर्मचारी हैं जिनमें से करीब 60 हज़ार सफ़ाई कर्मचारी हैं. सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से ढलाव से ही नहीं बल्कि सड़कों और गलियों से भी कूड़ा उठना बंद हो गया है.
 
आम आदमी के प्रवक्ता आशुतोष ने ट्वीट करके इसके लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया है वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का कहना है कि एमसीडी कर्मचारियों को पैसा केजरीवाल सरकार की जिम्मेदारी है.