नई दिल्ली. रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड टैक्सी बिल 2014 के खिलाफ देश भर में बस, ऑटो और टैक्सी यूनियन के हुए 24 घंटे की हड़ताल से कई राज्यों की यातायात प्रभावित हुई. त्रिपुरा में सार्वजनिक परिवहन के सभी वाहन सड़क पर नहीं उतरे. यात्रियों और दफ्तर जा रहे लोगों को बसों, छोटे तथा मध्यम वाहनों, ऑटो-रिक्शा और बैटरी से चलने वाले रिक्शा के सड़क पर नहीं उतरने के कारण असुविधा का सामना करने पड़ा. उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में बंद का असर रहा. स्कूल जाने के लिए सुबह बच्चों की बस, वैन व टैक्सी न आने के कारण अभिभावकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. गुजरात में भी बंद से याताया की स्थिति खराब रही.

देशभर में सीटू, आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस और भारतीय मजदूर संघ ने सड़क परिवहन तथा सुरक्षा विधेयक, 2014 के खिलाफ 24 घंटे का हड़ताल घोषित किया था. इस विधेयक में छोटे से यातायात उल्लंघन के लिये भारी जुर्माने का प्रावधान है. यहां तक कि लाल बत्ती पार करने पर भी, यह उचित नहीं है. राज्य सरकार से मांग करेगी कि वाहनों में जीपीएस लगाने के लिये 2700 रूपया वार्षिक शुल्क दिया जाए.

IANS